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Kalika Mata Mela: कालिका माता मेला: मुंबई की आर्केस्ट्रा संग रतलाम डांस ग्रुप ने जमाया रंग

कालिका माता मेला: मुंबई की आर्केस्ट्रा संग रतलाम डांस ग्रुप ने जमाया रंग
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Kalika Mata Mela: कालिका माता मेला: मुंबई की आर्केस्ट्रा संग रतलाम डांस ग्रुप ने जमाया रंग

Kalika Mata Mela: कालिका माता मेला: मुंबई की आर्केस्ट्रा संग रतलाम डांस ग्रुप ने जमाया रंग

रतलाम। Kalika Mata Mela: नाना नाना ना रे..ना...ओ सडे नाल रहोंगे तो ऐश करोंगे, जिंदगी के सारे मजे केस करोंंगे...ओ सडे नाले...जैसे गीतों के साथ ही मुंबई के कलाकारों की आर्केस्ट्रा ने लोगों को मनोरंजन किया तो रतलाम के स्थानीय पॉयजन डांस ग्रुप ने भी एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर स्थानीय दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। नगर निगम द्वारा आयोजित कालिका माता मेला परिसर स्थित निगम के सांस्कृतिक मंच पर मंगलवार की रात मुंबई से आए दिव्यांशु वर्मा, सपना पाठक औंर सोनू सिंग की प्रस्तुति ने उपस्थित श्रोताओं को गीत संगीत के साथ मनोरंजन किया। मेले के तीसरे दिन मंच के सामने दर्शक तो आए लेकिन उन्हे खड़े खड़े कार्यक्रम देखने पर मजबूर होना पड़ा, क्योंकि परिसर में बैठने के लिए ना तो पर्याप्त कुर्सियां थी, इसलिए जो बैठ गया वह बैठा रहा। कार्यक्रम के मध्य महापौर डॉ. सुनिता यार्दे ने मंच पर पहुंचकर कलाकारों को उत्साह बढ़ाया। इस मौके पर राजस्व समिति प्रभारी मंगल लोढा, सामान्य प्रशासन समिति प्रभारी ताराचन्द पंचोनिया, उपायुक्त एवं मेला अधिकारी विकास सोलंकी, निगम अधिकारी सत्यप्रकाश आचार्य सहित कर्मचारी और अन्य प्रबुद्ध जन उपस्थित थे।

शशंका तिवारी का आज लोक नृत्य व गीत का कार्यक्रम
Kalika Mata Mela: दस दिवसीय श्री कालिका माता नवरात्र मेले में निगम के सांस्कृतिक मंच पर २ अक्टूबर को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में मेले के चौथे दिन 2 अक्टूबर को रात्रि 8 बजे से आदिवासी लोक नृत्य व लोक गीत शंशाक तिवारी द्वारा के कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।

मेले के दुकानदारों को नि:शुल्क जगह दी जाए-उपाध्याय
Kalika Mata Mela: वरिष्ष्ठ पार्षद प्रेम उपाध्याय ने पत्र लिखकर महापौर एवं आयुक्त से मांग की है कि विगत 4-5 दिन से हो रही निरंतर बारिश के कारण कालिका माता मेले में बाहर से आए दुकानदारों, झूले व अन्य सभी प्लाट धारकों को कमाई के बजाय जो नुकसान हो रहा है, उसे देखते हुए नि:शुल्क जगह दी जाए। जिनसे प्लाट व जगह का किराया शुल्क निगम ने जमा किया है, वह भी हालात को देखते हुए वापस लौटाया जाए, क्योंकि बारिश के कारण मेले में बाहर से आए दुकानदार व झुले वालों को न रहने-सोने की जगह है ना ही उन्हे भोजन बनाने की सहूलियत है। ऐसी त्रासदायी स्थिति के रहते दुकानदारों को राहत देने व न्याय करने बाबत निगम से मांग करते हुए नगर विधायक से भी आग्रह किया है कि निगम आयुक्त से चर्चा कर इस मामले में सहयोग करें। सांस्कृतिक मंच केसामने खाली ग्राउण्ड में ठेले वालो को भी नि:शुल्क जगह दी जाना चाहिए, ताकि मेले के शेष दिनों में वे कुछ कमाई कर सकें। उपाध्याय ने बताया कि पिछले वर्ष कालिका माता मेले का बजट 50 लाख था, जिसमें करीब 26 लाख व्यय हुए थे। जिसमें 23 लाख सांस्कृतिक कार्यक्रमों के रावण पुतला व लंका निर्माण के 1.44 लाख का व्यय हुए थे। 1.08 लाख की आतिशबाजी थी, जिसका भुगतान भी नहीं हुआ। वही इस वर्ष 1 करोड़ के बजट में से सांस्कृतिक कार्यक्रम 18 लाख के है एवं रावण पुतले, लंका निर्माण व आतिशबाजी के टेण्डर प्रक्रिया में है।