
चोरों के पैसों से गर्लफ्रेंड को शॉपिंग करवाना पड़ा महंगा, पुलिस ने प्रेमी को भेजा जेल
रतलाम.
देशभर में नए कृषि कानून को लेकर किसानों का आंदोलन चल रहा है तो दूसरी तरफ रतलाम के अंबोदिया के पांच किसानों को महाराष्ट्र के एक व्यापारी को मटर बेचना महंगा पड़ गया है। पांचों किसानों पर व्यापारी ने अपहरण का केस दर्ज करवाकर जेल की हवा खिला दी है। ये सभी पांच किसान बिलपांक पुलिस थाने के गांव अंबोदिया के रहने वाले हैं और इस समय महाराष्ट्र के सताजा जिले में जेल में बंद है। पीडि़त किसानों के परिजनों ने बिलपांक पुलिस थाने पर आवेदन देकर मदद की गुहार लगाई है।
दस लाख रुपए की मटर भेजी थी महाराष्ट्र
अबोदिया निवासी रामलाल धाकड़ ने बताया कि उन्होंने अपने खेतों में मटर की फसल बोई है, जो हर बार वे इंदौर के व्यापारी को बेचते थे। इस बार उसी व्यापारी ने बताया कि महाराष्ट्र के सतारा जिले में मटर का बहुत अधिक दाम मिल रहा है। इस पर फोन पर बात करने के बाद इन्होंने एक बड़ी लोडिंग में भरकर छह टन मटर 3 दिसंबर को सतारा पहुंचाई। 4 दिसंबर को दूसरी लोडिंग में नौ टन मटर, चार टन प्याज और 400 किलो लहसुन के साथ इनका छोटा बेटा रवि धाकड़ भी सतारा के लिए रवाना हो गया। रामलाल के अनुसार व्यापारी ने वादा किया था कि फसल वहां तौलने के तुंरत बाद वे राशि उनके बैंक खाते में ट्रांसफर कर देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 5 दिसंबर को रवि धाकड़ ने बताया कि व्यापारी अब राशि देने में नाटक कर रहा है। इस पर उनका बड़ा बेटा दिनेश धाकड़, रिश्तेदार मुकेश, माणक और नितिन हाड़े निवासी कारोदा के साथ सतारा पहुंचा। वहां 8 दिसंबर को रवि सहित पांचों संबंधित व्यापारी के दुकान पर पहुंचे और अपनी फसलों के 10 लाख रुपए मांगे। व्यापारी ने उसके पास उस समय रुपए होने से ही मना करते हुए कुछ देर इंतजार करने के लिए कहा।
यह बताया किसानों ने
किसानों ने अपने परिजनों को फोन पर बताया था कि व्यापारी द्वारा कई घंटे तक पैसों के लिए बहाने बनाने पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी भी हुई। इसके बाद व्यापारी ने कहा कि पूना के समीप नारायणगढ गांव में उसे किसी अन्य व्यक्ति से पैसे लेने हैं और वह उससे पैसे देकर इनको दे देगा। यह सुनने पर किसानों ने उसे अपने चार पहिया वाहन में बैठकर चलने के लिए कहा और व्यापारी कल्याण दत्तात्रे भोएटे 40 अपने 11 वर्षीय आर्यन के साथ उनके वाहन में बैठ गया। वाहन में काफी आगे आने के बाद व्यापारी ने अपने किसी परीचित पुलिस अधिकारी को मैसेज किया कि किसान उसका अपहरण करके पूना की ओर ले जा रहे हैं। व्यापारी का मैसेज मिलते ही स्थानीय पूना जिले की पुलिस एक्टिव हो गई और उन्होंने पूना की बार्डर पर ही वाहन रोककर पांचों को हिरासत में ले लिया। सभी पांचों के खिलाफ केस भी दर्ज कर लिया।
जान से मारने की धमकी का भी आरोप
व्यापारी कल्याण दत्तात्रे भोयटे ने उसकी शिकायत में पुलिस को बताया कि किसान दिनेश धाकड़ ने केवल पहले दिन अपनी फसल बेची थी। दोबारा वे बिना उसे बताए फसल लाकर खरीदने और पूरे पैसे देने के लिए दबाव बनाने लगे। व्यापारी ने यह भी कहा कि पांचों किसानों ने मिलकर जबरन उसके बेटे को गाड़ी में बैठा लिया और जाने लगे जिसके चलते वह भी किसानों की गाड़ी में मजबूरी में बैठा। रास्ते में किसानों ने धमकाते हुए पूना ले जाने के बाद मार देने की भी धमकी दी। किसानों का कहना था कि इतनी दूर बिना जान पहचान वे किसी भी अपहरण के कैसे कर सकतें हैं। उन्होंने बताया कि फोन पर व्यापारी द्वारा फसल खरीदने और तुंरत पैसे बैंक अकाउंट में डालने की बात होने पर वे लोग गए थे।
सतारा एएसपी ने कहा मामला दर्ज, निष्पक्ष जांच करेंगे
सतारा के एडिशनल एसपी गणेश कीमरे ने बताया कि पुलिस ने किसानों का भी पक्ष सुना है, लेकिन व्यापारी द्वारा किए गए मैसेज के आधार पर पुलिस ने किसानों के वाहन से व्यापारी और उसके बेटे को बरामद किया है। ऐसे में दिनेश रामलाल धाकड़ 31 और रवींद्र धाकड़ 21 निवासी अबोदिया, मुकेश सत्यनारायण पटेल 30 निवासी कारोदा, माणक गोविंद धाकड़ 30 अबोदिया और नितिन मोहनलाल हाड़े 27 कारोदा के खिलाफ सतारा जिले वाठार थाने में धारा 364, 363, 504, 34 में प्रकरण दर्ज किया गया है। किसानों की कोई पीआर नहीं मांगी गई है। जांच के बाद शीघ्र ही कोर्ट में चालान पेश करेंगे।
रतलाम पुलिस ने जताई चिंता
मामले में रामलाल धाकड़ ने बताया कि उनके पास सतारा पुलिस का फोन आया जिसपर उन्हें इस पूरे प्रकरण की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने बिलपांक थाने पंहुचकर पूरी जानकारी दी और रतलाम पुलिस से मदद मांगी। इसपर पुलिस ने भी संवेदनशीलता दिखाते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया। एएसपी रतलाम सुनील पाटीदार को मामले की सूचना मिलने पर उन्होंने भी संबंधित पुलिस अधिकारियों से चर्चा करके उनसे निष्पक्ष जांच की बात कही।
Published on:
15 Dec 2020 08:35 pm
बड़ी खबरें
View Allरतलाम
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
