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पर्यटन को लेकर निवेशकों बुलाया और कराया इंतजार

- तय समय से करीब डेढ़ घंटे की देरी से शुरू हुआ सेमीनार, पर्यटन विकास परिषद से गायब रहे कई बडे़ व्यापारी व उद्योगपति
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रतलाम

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harinath dwivedi

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Updated: 26 Nov 2017, 11:14 AM IST

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mp tourism

रतलाम। जिले में पर्यटन को विकसित करने के लिए शनिवार को पर्यटन निवेश संगोष्ठी का आयोजन किया गया। बरबड़ रोड स्थित होटल बालाजी सेंट्रल में आयोजित इस संगोष्ठी में जिले के उद्योगपतियों के साथ अन्य बडे़ लोग पहुंचे, लेकिन पहले दौर की इस बैठक में कोई खास चर्चा नहीं हो सकी। जिले में पर्यटन को विकसित करने के लिए प्रशासन ने जिन लोगों को निवेशक के रूप में संगोष्ठी में आमंत्रित किया था, उन्हीं लोगों को इसके शुरू होने का डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ा।

पर्यटन विकास परिषद् द्वारा आयोजित संगोष्ठी दोहपर में २.३० बजे से शुरू होना थी, लेकिन कलेक्टर तन्वी सुंद्रियाल स्वयं तय समय से देरी से शाम करीब ४ बजे यहां पहुंची। उनके पहुंचने के बाद इसकी शुरुआत हुई। कलेक्टर के आने में समय लगने के चलते कुछ निवेशक बैठक में पहुंचे और इंतजार कर चले गए। वहीं कुछ ने कलेक्टर के आने के बाद उनकी बात सुनी और उसके बाद अपने विचार भी रखे। कलेक्टर ने सीधे तौर पर कहा कि शासन के पास रुपए नहीं है। वह आपकों पर्यटन स्थलों को विकसित करने के लिए जमीन उपलब्ध कराने सहित अन्य प्रकार से सहयोग कर सकता है। वहीं यदि कोई एमपी टूरिज्म से जुड़ता है तो उसका विज्ञापन और उसकी ब्रांडिंग भी वहीं करेगा।

जाना पड़ता है बाहर
संगोष्ठी में शामिल हुए विधायक चेतन काश्यप वहां पहुंचते ही अपनी बात रखने के पहले देरी से आने के लिए क्षमा मांगते हुए कारण बताया। उनका कहना था कि यदि रतलाम के बाहर से हमारी बहन, बेटियां या परिवार के सदस्य आते है तो हमें उन्हें घूमाने के धार जिले के मांडू या फिर उज्जैन के महांकाल दर्शन कराकर लौट आते है। यदि रतलाम में पर्यटन विकसित होता है तो लोग यहां पहुंचने लगेंगे। इसमें जितना निवेश बढ़ेगा, उतना शहर का विकास भी होगा।

हर परिवार जाता है पर्यटन
विधायक काश्यप ने कहा कि एेसा नहीं है कि पर्यटन सिर्फ संपन्न परिवार जात है। यहां घूमने के लिए मध्यम परिवार भी अब एेसे स्थानों पर पहुंचते है। धोलावाड़ सबसे महत्वपूर्ण स्थान है पर्यटन की दृष्टि से, हम यहां कई नई चीजें ला सकते है आप सुझाव दें, शासन स्तर से हम स्वीकृत करा लाएंगे। बैठक में शामिल निवेशकों की माने तो कलेक्टर पूर्व में पर्यटन विभाग में एमडी रह चुकी है। एेसे में रतलाम को पर्यटन के क्षेत्र में विकसित करने की उनकी इच्छा है, इसी के चलते उनके कहने पर ही संगोष्ठी आयोजित की गई है।

पड़ौसी राज्य का मुख्य व्यापार
संगोष्ठी में शामिल उद्योगपति अरिहंत पोरवाल की माने तो मप्र के पड़ौसी राज्य राजस्थान में पर्यटन सबसे बड़ा व्यवसाय है। यदि हमारे यहां पर्यटन स्थल बेहतर ढ़ंग से विकसित होते है, तो यहां के लोग भी उसमें जुड़ेंगे। वहीं कुछ लोगों ने राजवंश की संपत्ति, जेवीएल को शासन के अधिन कर उसे भी विकसित करने की सलाह दी। वहीं संगोष्ठी में शहर के कई बडे़ नामी उद्योगपति व व्यवसायी नजर नहीं आए। उनके अतिरिक्त जो लोग यहां पहुंचे थे वह इंतजार करने में ही थक गए और बिना अपनी बात रखे संगोष्ठी खत्म होने पर चले गए। इस दौरान उद्योगपति नरेश झालानी व पर्यटन विकास परिषद के अधिकारी भी मौजूद रहे।