
मध्यप्रदेश की इस नगर निगम में स्वर्ग से आना होगा नामांकन कराने
रतलाम। नगर निगम के एक नियम ने शहर के हजारों लोगों के सामने संकट खड़ा कर दिया है। नगर निगम में भवन या भूखंड का नामांकन कराने के लिए अब चैनल रजिस्ट्री मान्य नहीं होगी। इसके लिए आपको पिछले उन सभी खरीदारों को भी इक_ा करना होगा जिन्होंने इस भूखंड या भवन को किसी समय खरीदा लेकिन निगम में नामांकन नहीं करवाया। ऐसा करने के बाद ही नगर निगम में आपके भूखंड या भवन का नामांकन हो पाएगा। कई मृतक विक्रेता भी शामिल हैं। ऐसे में कहा जा रहा है कि मृतकों को नामांकन को आवेदन करने स्वर्ग से कैसे लाया जाए।
नामांतरण नहीं नामांकन
निगम में आम भाषा में नामांतरण की बात कही जाती है। वास्तव में नामांतरण नहीं बल्कि नामांकन है। नगर निगम में नामांकन, निगम टैक्स वसूली में मददगार साबित होता है। नए नियम से इस समय नगर निगम के राजस्व विभाग में फाइलों का अंबार लग चुका है। जो नामांकन करवाना चाहते हैं वे निगम के चक्कर दर चक्कर काट रहे हैं तो जनप्रतिनिधि भी समस्या का निराकरण नहीं कर पा रहे हैं।
इस तरह होंगे नामांकन
किसी भवन या भूखंड को पिछले नामांकन के बाद जितने भी लोगों ने खरीदा और नामांकन नहीं करवाया। लोगों को करवाना होगा। हर एक नामांकन के लिए अलग से ढाई सौ रुपए की रसीद कटेगी साथ ही साढ़े सात सौ रुपए का शुल्क भी तय है। यही नहीं रजिस्ट्री के 90 दिन बाद पेश की जाती है तो संबंधित को इसमें समझौता शुल्क भी निगम को अदा करना पड़ेगा। कोई मर चुका है तो प्रमाण पत्र लाना होगा।
अनेक लोग परेशान
नगर निगम में नए नियम से सैंकड़ों लोग परेशान हो रहे हैं। पहलेे जिस नियम से नामांकन हो रहे थे उसी अनुसार हो तो ज्यादा बेहतर। कोई भी नया अधिकारी आएगा तो अपने हिसाब से नियम लगाए तो आम जनता की परेशानी को कोई समझने को तैयार नहीं है।
मंगल लोढ़ा, प्रभारी राजस्व समिति, नगर निगम, रतलाम
मृत्यु प्रमाण पत्र से होगा
भूखंड या भवन खरीदे उस क्रेता को निगम में नामांकन करवाना होगा। यह नियम है और इसके अनुसार ही कार्रवाई हो रही है। नामांकन करवाना है तो जिसके नाम से भवन या भूखंड है उनकी मृत्यु के प्रमाण पत्र के आधार पर भी नामांकन किया जाता है।
जीके जायसवाल, प्रभारी अधिकारी, राजस्व विभाग, नगर निगम
यह आएगी समस्या
कोई नामांकन नहीं करवाता है और मृत्यु हो जाती है तो कैसे आवेदन कर सकता है। कोर्ट से उत्तराधिकारी का प्रमाण पत्र लाना हो तो प्रापर्टी के मूल्य का 12.50 फीसदी राशि कोर्ट में जमा करवाना होगी तभी वह केस फाइल हो पाता है।
Published on:
01 Jun 2018 01:18 pm
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