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राम-रहीम-ईश्वर नगर के बाशिंदे की रातें कटती दहशत में, बना रहता डर और दुर्घटना का भय

राम-रहीम-ईश्वर नगर के बाशिंदे की रातें कटती दहशत में, बना रहता डर और दुर्घटना का भय

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राम-रहीम-ईश्वर नगर के बाशिंदे की रातें कटती दहशत में, बना रहता डर और दुर्घटना का भय

रतलाम। बारिश ने शहर के हालात खराब कर दिए है, कॉलोनी में कीचड़, गडड्ढे तो कहीं कहीं तो सड़कें ही गायब हो चुकी है। हालात इतने खराब हो चुके हैं, लोगों को रात तो ठीक दिन में भी इन रास्तों से गुजरना मुश्किल हो गया है। जनता परेशान है और जनप्रतिनिधियों जैसे गहरी नींद में सोए हुए है, शहर के अधिकांश हिस्सों में सिरवेज का काम चलने के कारण यहां वहां कीचड़ ही कीचड़ जमा हो गया। शहर के राम-रहीम और ईश्वर नगर के बाशिंदे इन दिनों नरकीय जीवन जीने को मजबूर है। यहां के महिला-पुरुष और बच्चे रात तो ठीक दिन में भी दशहत, डर और हर समय दुर्घटना के भय से सहमें से नजर आते हैं।

हालात इतने खराब है कि बच्चों को तो घर से बाहर निकले भी नहीं दिया जाता है, चंद घंटों की बारिश में क्षेत्र में पसरा पड़ा कीचड़ और पानी घरों में भर जाता है और लगता कब इस जीवन से निजात मिलेगी। यह हाल है रतलाम के ईश्वर नगर और राम-रहीम नगर के वासियों के जिनकी कोई सुनने वाला नहीं है। क्षेत्रिय पार्षदों के समक्ष गुहार लगाई तो आश्वासन मिला, तो किसी ने कच्चे मुरम को डलवा कर मुसिबत और खड़ी कर दी। ईश्वर नगर में बारिश में नाले की निकासी बंद होने के कारण पानी सड़कों पर घुटने घुटने बह रहा था, इस कारण से पूरी सड़क उखड़ गई। लोगों के घरों में पानी भर जाता है, क्योंकि आगे पानी की निकासी तक नहीं है।

इस राह से गुजरना मुश्किल
राम-रहीम नगर में निवास करने वाली नर्मदाबाई ने बताया कि रास्ते पर चल ही नहीं सकते, लोगों के घरों के सहारे सहारे उछल कुद करते हुए गुजरना पड़ता है। कोई सुनने को तैयार नहीं है, पूरे क्षेत्रवासी हर दिन इस कीचड़ से दो-दो हाथ करते है। अनोखीलाल पांचाल का कहना है कि हालात इतने खराब है कि सड़क और मकान बराबर हो चुके हैं, जिससे बारिश होते कीचड़ सहित पानी घरों में भर जाता है। वाहनों के आवागमन से उड़ते कीचड़ के कारण पूरे दिन घरों की सफाई करना पड़ती है। यहां तक की आंगनवाड़ी केंद्र पर आने बच्चों के लिए पीछे लगाना पड़ रही है, तो स्कूल आने जाने वाले बच्चों की डे्रस खराब होती रहती है।

घरों में कीचड़ और भर जाता पानी
रामरहीम नगर निवासी भारती गुजेला और खीमीबाई गुजेला ने बताया कि कीचड़ तो ठीक बड़े-बड़े गडड्ढे हो गए है। बच्चे घुटने घुटने तक गड़ जाते हैं, घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। हर दिन वाहन चालक कीचड़ में फंसकर गिरते रहते हैं। कई बार कहा कोई सुनने को तैयार नहीं, क्षेत्रिय पार्षद ने कच्चा मुरम और उपर से डलवा दिया, जिससे पानी आते ही कीचड़ मच रहा है और घरों में पानी भर रहा है। रात में तो घर से निकलने की ही नहीं बनती।

हर रात दहशत में गुजरती
ईश्वरनगर नाले की समीप रह रहे कमलसिंह यादव, मंजुबाई ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना अन्तर्गत मकान बनाया जा रहा है, घर पूरा खोल दिया। बर आगे का ओटला खाली है, जिस पर दिन और रात गुजर रहे हैं। दो माह हो गए एक किश्त के बाद दूसरी नहीं आई, इसलिए काम भी अटका पड़ा है। गत रात तेज बारिश में नाले का पानी ओटले तक आ गया, रात भर दहशत और डर में गुजरी है। सड़क कच्ची और नाले का पानी मुसिबत बन जाता है। हर रात डर के साथ गुजरना पड़ रही है।

प्रायवेट गिट्टी डलवा रहा हूं
- प्रायवेट गिट्टी-मुरम डलवा रहा हूं, एक-दो दिन में हो जाएगा। टेंडर हो चुके हैं, रोड पास है सितंबर में बनना शुरू हो जाएगी, टेंडर निकाल दिया है।
अशोक पोरवाल, क्षेत्रिय पार्षद, रामरहीम नगर

नाले को साफ करवाएंगे
- नवीन मकान बन रहे है, नालियों पर मटेरियल डाल दिया है, इससे घरों और सड़कों पर बह रहा है। सड़कें कच्ची है, नाले को साफ करवाया जाएगा।
अनिता कटारा, क्षेत्रिय पार्षद, ईश्वरनगर