
रतलाम. पंख ही काफी नहीं होते आसमानों के लिए..हौसला भी होना चाहिए ऊंची उड़ानों के लिए..ये बात बिलकुल सटीक बैठती है रतलाम के जावरा की बेटी निरंजना मालवीय पर। निरंजना मालवीय ने हाल ही में हुई सिविल जज की परीक्षा पास की है और सिविल जज बन गई हैं। निरंजना के पिता जावरा कोर्ट परिसर में फोटोकॉपी की एक छोटी सी दुकान चलाते हैं और इसी दुकान पर पिता की मदद करते वक्त बेटी निरंजना ने जज बनने का सपना देखा था जो कड़ी मेहनत व लगन के बाद साकार करके भी दिखाया।
'पापा मैं सिविल जज बन गई'
जावरा कोर्ट परिसर में फोटोकॉपी की दुकान चलाने वाले जुझार मालवीय का सीना गर्व से उस वक्त चौड़ा हो गया जब उनकी बेटी निरंजना मालवीय ने सिविल जज परीक्षा पास की। तीन महीने पहले ही बेटी निरंजना की शादी सोनकच्छ के रहने वाले योगेश मालवीय के साथ हुई थी और जब बेटी पति के साथ घर आई और पिता को बताया कि वो सिविल जज बन गई है तो पिता की आंखों से खुशियों के आंसू छलक पड़े। जुझार मालवीय ने बताया कि उनके चार बच्चे हैं। जिनमें तीन बेटियां व एक बेटा है। उन्होंने बताया कि निरंजना 10वीं क्लास के बाद से ही दुकान पर उनका हाथ बंटाती थी और कोर्ट में न्यायाधीशों को आते जाते देख उसके मन में जज बनने की इच्छा जाहिर की। एक दिन बेटी निरंजना ने उनसे कहा कि वो भी जज बनेगी और फिर इसके लिए बेटी ने काफी मेहनत की और अपना सपना साकार किया।
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दूसरी बार में मिली सफलता
सिविल जज परीक्षा पास करने वाली निरंजना ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया है उन्होंने बताया कि पिता ने हमेशा ही उन्हें प्रेरणा दी और एक बार जब उनके मन में सिविल जज न बनने का ख्याल आया तो समझाया कि बेटा हमने जो लक्ष्य हासिल किया है उसके लिए लगातार मेहनत करनी चाहिए फिर चाहे कितनी भी मुसीबतें क्यों न आएं हमें भटकना नहीं चाहिए। निरंजना ने बताया कि इससे पहले एक बार वो इंटरव्यू में पास नहीं हो पाई थीं और दूसरी बार में उन्हें ये सफलता हासिल हुई है। उन्होंने बताया कि वो लगातार 10-12 घंटे पढ़ाई करती थीं। तीन महीने पहले ही निरंजना की शादी सोनकच्छ के रहने वाले योगेश मालवीय से हुई है जो कि एडवोकेट हैं। निरंजना ने बताया कि इंटरव्यू की तैयारी में पति व ससुरालवालों ने भी उनकी काफी मदद की।
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Published on:
22 May 2022 05:46 pm
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