
Ratlam Dangerous Ragging Case: शासकीय स्वशासी मेडिकल कॉलेज में पहले साल के 60 से ज्यादा जूनियर स्टूडेंट के साथ हॉस्टल में बंद करके मारपीट का मामला सामने आया है। जूनियर स्टूडेंट को मारपीट के बाद दर्द नहीं हो इसलिए सीनियरों ने सभी को दर्द निवारक गोलियां खिलाईं। उन्हें किसी को भी यह बात बताने पर बुरे परिणाम भुगतने की धमकी तक दी गई। एक दर्जन पीड़ित छात्र शनिवार को सामूहिक रूप से औद्योगिक क्षेत्र के सामने पहुंचे और अपनी शिकायत दर्ज कराई। मामला गंभीर होने पर शहर के नायब तहसीलदार आशीष उपाध्याय थाने पहुंचे और जूनियर मेडिकल स्टूडेंड से चर्चा की।
पीड़ित छात्रों को शाम करीब साढ़े छह बजे हॉस्टल से छोड़ा गया। रात भर यह लोग हॉस्टल में दहशत में रहे। शनिवार को क्लास ज्वाइन करने के बाद कुछ छात्र हिम्मत करके औद्योगिक क्षेत्र पुलिस थाने पहुंचे। इन्होंने यहां अपनी तरफ से लिखित में पुलिस को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित छात्र ऋषि नायक, विश्वेष परमार, सुनील जानू और शिवांश मिश्रा के साथ ही करीब एक दर्जन से ज्यादा स्टूडेंट ने बताया कि जिन सीनियर छात्रों ने सभी के साथ मारपीट की उनमें से कुछ को पहचानते हैं और देखा भी है। आमतौर पर हमें सीनियर के सामने नजर उठाकर नहीं रहने दिया जाता है।
छात्रों ने बताया कि सत्र शुरू होने से लेकर अब तक उनके साथ रैगिंग होती रही है। हमने इसका विरोध इसलिए नहीं किया कि वे आमतौर पर छोटे-छोटे वर्क करवाते रहे हैं। इसमें हमें भी कोई दिक्कत नहीं हुई लेकिन अब जब एक साथ सभी 60 स्टूडेंट को हॉस्टल में घेरकर चांटों से पिटाई की गई जो गलत है। ये लोग हमें नीची नजरे करके ही रहने का आदेश देते रहे हैं।
स्टूडेंट के गालों पर 10-10 चांटों से भी ज्यादा मारा गया। इससे कुछ स्टूडेंट के गाल लहूलुहान हो गए। चेहरे पर खरोंचे साफ दिखाई दे रही थीं। कुछ इनके साथ नहीं आए जबकि एक दर्जन ने हिम्मत की।
यह पूरा मामला शुक्रवार शाम का है। प्रथम वर्ष के स्टूडेंटस का कहना है कि शाम करीब चार बजे जब क्लास से बाहर आए तो 2021 और 2022 के सीनियर स्टूडेंट ने करीब 60 छात्रों को बॉयज हॉस्टल में एकत्रित करने का फरमान सुनाया। वहां सभी को लाइन से खड़ा करके बारी-बारी से सबको गाल पर चांटे मारे गए। कई स्टूडेंट के चेहरे पर खरोंच भी आ गई।
दोनों पक्षों को सुन रहे हैं। दोपहर बाद ही पता चला, जब ये सीधे थाने पहुंच गए। उन्होंने न तो हॉस्टल वार्डन या अधीक्षक को बताया और न मुझे जानकारी दी और सीधे थाने पहुंच गए। जो भी दोषी होगा उस पर निश्चित रूप से कड़ी कार्रवाई करेंगे।
-डॉ. जितेंद्र गुप्ता, डीन, मेडिकल कॉलेज, रतलाम
जूनियर बताते हैं कि किसी ने सोशल मीडिया पर पेज बनाया। इस पर किसी ने कोई कमेंट्स कर दिया। सीनियर स्टूडेंट को लगा कि जूनियरों ने किया है। वे सभी से पूछ रहे कि किसने किया, नाम बताओ और फिर चांटे मारते जा रहे थे। कोई भी स्टूडेंट उनके सामने नहीं बोल पाया कि क्यों पिटाई की जा रही है।
Updated on:
03 Mar 2024 12:36 pm
Published on:
03 Mar 2024 12:35 pm
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