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कलेक्टर के बाद एसपी भी बदले, नहीं बदला तो दो बत्ती चौराहा

कलेक्टर के बाद एसपी भी बदले, नहीं बदला तो दो बत्ती चौराहा

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कलेक्टर के बाद एसपी भी बदले, नहीं बदला तो दो बत्ती चौराहा

कलेक्टर के बाद एसपी भी बदले, नहीं बदला तो दो बत्ती चौराहा

एक माह में चौराहे की सूरत बदलने का किया था दावा, पांच माह बाद भी नहीं बदले हालात

रतलाम. शहर में करीब पांच माह पहले हुए दो सड़क हादसों में दो की मौत के बाद जागा पुलिस-प्रशासन फिर गहरी नींद में डूब गया है। हादसे का दोषी पुलिस-प्रशासन ने शहर के बेतरतीब चौराहे के साथ बदहाल सड़कों को बता दिया। इतना ही नहीं इसके लिए निगम आयुक्त को नोटिस जारी कर सड़कों की मरम्मत नहीं कराए जाने पर एफआईआर दर्ज किए जाने का नोटिस भी भेजा, लेकिन हालात आज भी बदतर ही बने हुए है।

एक दिन के एक घंटे के अंतराल में सड़क हादसे में दो लोगों की मौत के बाद शहरवासियों को भी लगा था कि पुलिस-प्रशासन जिस तरह से सड़क पर आया है, उस तरह से कुछ हालात बदलेंगे, लेकिन आज तक यहां के हालात नहीं बदले, पर पहले कलेक्टर और अब पुलिस अधीक्षक जरूर बदल गए है। एक रात में दो मौत के बाद तात्कालीन कलेक्टर तन्वी सुंद्रियाल ने यातायात सुधार को लेकर कदम उठाया था, लेकिन इस बीच नगर निगम से कुछ काम भी कराया लेकिन उनके मातृत्व अवकाश पर जाने और फिर तबादला होने के बाद से सारी व्यवस्था धरी के धरी रह गई है।
पांच माह में नहीं सेट हुआ टाइम

दो बत्ती चौराहे को लेकर पुलिस ने हादसे का दोषी यहां के बेतरतीब यातायात व टै्रफिक सिग्नल पर मड़ दिया था। यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने का जिम्मा जिस पुलिस पर था, उसने यहां लगे सिग्नल की लाल, पीली व हरी बत्ती की टाइमिंग को गलत ठहराते हुए सिग्नल बंद करा दिए और निगम को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था कि किसके कहने पर सिग्नल का टाइम सेट किया गया था। वहीं नए सिरे से इसकी टाइमिंग सेट कर इसे चालू करने की बात कही थी, जो पांच माह बाद भी पुलिस नहीं कर सकी।
ट्रांसफार्मर भी नहीं हुआ शिफ्ट

चौराहे पर यातायात के दबाव को देखते हुए उक्त स्थान की चौड़ाई कम होने की बात कही गई थी। निगम ने चौराहे को बेहतर बनाने के लिए इंजीनियर भी बुलाए थे, जिनके द्वारा दो बत्ती की रोटरी को चौड़ा करने की बात कहते हुए हादसों के प्वाइंट कम करने की बात कही थी, लेकिन आज तक यह काम भी नहीं हो सका है। सड़क की चौड़ाई बढ़ाए जाने के लिए प्रशासन ने रेलवे को पूर्व में दी जमीन भी वापस ली थी और उस पर लगे पेड़ों को सड़क चौड़ीकरण के लिए काट दिया था, लेकिन अब तक यहां सड़क किनारे लगे ट्रांसफार्मर को शिफ्ट नहीं कर सके है।
ये कैसी कार्रवाई

दो बत्ती चौराहे पर सड़क को चौड़ा करने के लिए हादसे के बाद आनन-फानन में नगर निगम के अमले ने चौराहे पर स्थित एक मिठाई-नमकीन की दुकान के बाहर लगे पेवर ब्लॉक को अतिक्रमण बताकर तत्काल हटा दिया और वहां पर सिमेंट की पक्की सड़क बना दी। इसके विपरीत चौराहे पर दूसरी तरफ निगम ने पेवर सड़क को चौड़ा करने के लिए पेवर ब्लॉक लगवा दिए, तो एक अन्य मोड़ पर सीमेंट से पक्का कर दिया गया।