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Ratlam News : पूरे शहर में राजीव गांधी सिविक सेंटर सौदेबाजी की चर्चा

नजूल भूमि पर बना सिविक सेंटर फिर सुर्खियों में है। इस बार नगर निगम प्रशासन ने इसे पूरा ही बेच दिया है।

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Ratlam News: Rajiv Gandhi Civic Center Latest Update News

Ratlam News: Rajiv Gandhi Civic Center Latest Update News

रतलाम। नजूल भूमि पर बना सिविक सेंटर फिर सुर्खियों में है। इस बार नगर निगम प्रशासन ने इसे पूरा ही बेच दिया है। राजस्व की जमीन होने से यहां निजी लोगों को आवंटित भूमि की रजिस्ट्री नहीं हो रही थी, लेकिन मिलीभगत का ऐसा खेल खेला कि धड़ाधड़ पंजीयन करवा दिया। एक माह में ही दो दर्जन से अधिक रजिस्ट्री हो गई है। रजिस्ट्री करवाने वालों में अधिकांश कॉलोनाइजर है या फिर शहर के कई बडे़ भूमाफिया।

राजीव गांधी सिविक सेंटर प्रोजेक्ट की शुरूआत तत्कालीन कलेक्टर विनोद सेमवाल के कार्यकाल के दौरान हुई थी। बाद में 1995 के दशक के अंतिम दिनों में पहली निगम परिषद ने नजूल की इस जमीन को सिविक सेंटर के रूप में विकसित किया था।तब इस जमीन की कीमत हजार रुपए वर्गफीट रही होगी, जो रजिस्ट्री के बाद अब करोड़ों की हो गई है। शहर के बीचों बीच करोड़ों की हो चुकी इस जमीन को लेने की जद्दोजहद छह माह पहले से ही शुरू हो चुकी थी। विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते मामला थमा और अब लोकसभा चुनाव की आचार संहिता से पहले ही खेला कर दिया।

पूरे शहर में सौदेबाजी की चर्चा का बाजार

सिविक सेंटर के भूखंडों की रजिस्ट्रियों का मामला हर किसी के बीच चर्चा में है। पार्षदों से लेकर एमआईसी सदस्य तक अचानक बदले घटनाक्रम से अचंभित हैं। ना तो जिला प्रशासन को इस बारे में पता है और ना ही जनप्रतिनिधियों को इस बारे में कोई जानकारी है। इस मामले को एमआईसी या परिषद में लाने की जरुरत महसूस ही नहीं की गई।

क्यों नहीं करवा पाए

जब यह योजना लागू हुई थी तब भी एपीएस गहरवार ही निगम आयुक्त थे और अब जबकि रजिस्ट्रियां हो रही है, तब भी गहरवार ही निगम के आयुक्त हैं। इस बीच कई निगम आयुक्त आए और परिषद भी आई लेकिन किसी ने रजिस्ट्रियां नहीं करवाई। योजना के लागू होने के बाद से अब तक चार महापौर और परिषद का कार्यकाल निकल चुका है।

ऐसे सामने आया पूरा मामला

जिन भूखंडों की रजिस्ट्रियां करवाई गई उनका मामला पिछले दिनों ही उस समय सामने आया जब इन भूखंडों पर काबिज साठिया परिवारों को हटाने के लिए निगम अमला पुलिस के साथ पहुंचा। तब पता चला कि इन भूखंडों की रजिस्ट्रियां हो गई और कब्जा देने से पहले इन्हें अतिक्रमण मुक्त करवाना है। हालांकि उस समय विरोध के कारण सफल नहीं हो पाए थे। अब सिविक सेंटर में भूखंडों की बाउंड्रीवाल भी खड़ी कर दी गई है।

कोर्ट के आदेश से करवाई रजिस्ट्री


कोर्ट का आदेश पूर्व से ही है कि जिन्होंने भूखंड खरीदा है उनकी रजिस्ट्री करवाई जाए। कितनी रजिस्ट्री अब तक हुई है यह उपायुक्त बता पाएंगे, लेकिन हमने जो रजिस्ट्रियां कराई है वह विधिवत कोर्ट के आदेश से ही करवाई है।


एपीएस गहरवार, निगम आयुक्त, रतलाम