
Salary of crores of employees is due to the bank strike
रतलाम। मई माह के काम का जून माह में मिलने वाला सरकारी कर्मचारियों का वेतन इस बार देरी से मिलेगा। इसकी वजह जिले की 140 बैंक के 1200 से अधिक कर्मचारियों का हड़ताल पर दो दिन तक रहना है। बुधवार व गुरुवार को हड़ताल होने से अब वेतन के बिल आदि 1 जून या इसके बाद लगेंगे। एेसे में रतलाम सहित देशभर के करोड़ों सरकारी कर्मचारियों का वेतन अधर में चला गया है। इसके अलावा व्यापारियों को बड़ी समस्या टीडीएस का कर जमा करने में आएगी। इसकी अंतिम तारीख भी 31 मई है। इन सब के बीच हड़ताल करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि उनका वेतन पांच वर्ष में एक बार सिर्फ दो प्रतिशत व सांसद 300 प्रतिशत अपना वेतन बढ़ा रहे है।
यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन की अपील पर जिले के 140 बैंक के 1200 कर्मचारी व अधिकारी 30 व 31 मई को हड़ताल पर रहेंगे। आईबीए से 28 मई को हुई वार्ता बगैर किसी परिणाम के समाप्त हो गई है। कर्मचारियों का कहना है कि वेतनमान का समझोता शीघ्र होना चाहिए व सम्मानजनक वेतन मिलना चाहिए। स्केल सात तक के अधिकारियों को भी वेतन निर्धारण में शामिल करना चाहिए।
उनको 300 हमको सिर्फ 2 प्रतिशत
बैंक कर्मचारियों के संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार फोरम द्वारा दिए गए माग पत्र पर विचार करने में आरबीआई देरी कर रहा है। इससे कर्मचारियों में गुस्सा बढ़ रहा है। आईबीए ने कर्मचारियों को सिर्फ 2 प्रतिशत वेतनबढ़ोत्री की मांग मंजूर करने की बात की है। ये गलत है। एक तरफ संसद के सदस्य 300 प्रतिशत, सातवे वेतन आयोग में केंद्र के कर्मचारियों को 250 प्रतिशत व राज्य के कर्मचारियों को 150 प्रतिशत तक वेतन बढ़ता है तो फिर सिर्फ बैंक के कर्मचारी के साथ भेदभाव क्यों हो रहा। इस बात को लेकर ही कर्मचारी देशभर में हड़ताल कर रहे है।
यहां ये कार्य होगा प्रभावित
इस हड़ताल से जहां वेतन इस बार देरी से मिलेगा वहीं दूसरी तरफ व्यापारियों का करोड़ों रुपए का लेनदेन प्रभावित होगा। इसके अलावा बाजार भी प्रभावित होगा। इतना ही नहीं चेक का भुगतान, एफडी आदि का कार्य प्रभवित होगा। सबसे अधिक परेशानी उन व्यापारियो को होगी जो जनवरी से मार्च तक के काटे गए टीडीएस का रिटर्न अपलोड करना चाहते है। इसकी अंतिम तारीख ३१ मार्च है। कर सलाहकार परिषद के पूर्व अध्यक्ष राकेश भटेवरा के अनुसार टीडीएस की राशि का रिटर्न देरी से जमा करने पर प्रतिदिन का २०० रुपए का दंड लगेगा।
जिनकी वजह से गर्व, उनको भूल रहे
सरकार का दावा है कि नोटबंदी सफल रही। कालाधन जमकर आया। इन सब कार्य में बैंक कर्मचारियों का सबसे बड़ा योगदान रहा है। लेकिन सरकार अपनी आय एक झटके से 300 प्रतिशत बढ़ाती है जबकि हमारी सिर्फ 2 प्रतिशत। इसका ही विरोध करते हुए हड़ताल की जा रही है।
- नरेंद्र जोशी, सदस्य, यूनाईटेड फोरम
Published on:
30 May 2018 01:17 pm
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