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कांग्रेस के दिग्गज नेता का निधन, पार्टी में शोक की लहर

Congres Leader Passed: घर के बाहर टहलते वक्त बाइक ने मारी थी टक्कर, इलाज के दौरान अस्पताल में निधन...।
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रतलाम

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Shailendra Sharma

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Updated: 9 Nov 2025, 4:17 PM IST

ratlam

Senior Congress Leader Lahling Devda Passed away

Congres Leader Passed: मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व विधायक का निधन होने के बाद पार्टी में शोक की लहर है। पूर्व विधायक लाहलिंग देवदा का 70 साल की उम्र में इलाज के दौरान अस्पताल में शुक्रवार शाम को निधन हो गया था जिसके बाद शनिवार को उनके पैतृक गांव छावनी भाभर में किया गया। लाहलिंग देवदा को घर के बाहर टहलते वक्त बाइक ने टक्कर मार दी थी और उसके बाद उन्हें इलाज के लिए पहले रतलाम और फिर गुजरात के बड़ोदा के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

बाइक ने मारी थी टक्कर

परिजन ने बताया कि लाहलिंद देवदा बुधवार (5 नवंबर) की शाम 6.30 बजे अपने घर के बाहर टहल रहे थे। इसी दौरान पीछे से एक बाइक सवार ने उन्हें टक्कर मार दी। बाइक पर दो लोग सवार थे। टक्कर से गंभीर घायल होने पर परिजन पहले रतलाम प्राइवेट हॉस्पिटल लेकर आए। इसके बाद गुरुवार रात वड़ोदरा लेकर गए थे जहां शुक्रवार शाम को उनका निधन हो गया। पुलिस ने देवदा को टक्कर मारने वाली बाइक और बाइक चालक को हिरासत में ले लिया है।

1993-1998 तक रहे विधायक

लाहलिंग देवदा रतलाम जिले की सैलाना विधानसभा सीट से साल 1993-1998 तक विधायक रहे। वो मूलत: बाजना के छावनी भाभर के रहने वाले थे। साल 1993 में कांग्रेस पार्टी ने पूर्व मंत्री प्रभुदयाल गेहलोत का टिकिट काटकर लाहलिंद देवदा को टिकट दिया था और उन्होंने ऐतिहासिक जीत दर्ज हासिल की थी। साल 1998 में भी उन्हें कांग्रेस पार्टी ने टिकट दिया था लेकिन तब वह निर्दलीय प्रभुदयाल गहलोत से चुनाव हार गए थे। 1998 के विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस की गुटीय राजनीति के चलते कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप सिंह भूरिया ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा ज्वाइन कर ली थी। तब पूर्व विधायक लाहलिंग देवड़ा भी अपने राजनीतिक गुरु दिलीप सिंह भूरिया के साथ भाजपा में शामिल हो गए थे। कुछ समय बाद लाहलिंग देवड़ा ने भाजपा छोड़कर वापस कांग्रेस ज्वाइन कर ली थी। लाहलिंग देवड़ा मृदुभाषी व मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे। देवदा की गिनती एमपी के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के करीबी नेताओं में होती थी।