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नगर निगम के 10 उपयंत्रियों की वेतन वृद्धि रोकने के आदेश

मंजूरी के बाद हुए निर्माण कार्यो का करना था सर्वे

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ratlam nagar nigam

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रतलाम. नगर निगम के उपयंत्रियों द्वारा पूर्व में जारी किए गए निर्माण कार्य की मंजूरी के अनुसार कार्य हुआ या नहीं, इसकी जानकारी सर्वे करके नहीं दी। इसके बाद निगम आयुक्त सोमनाथ झारिया ने निर्देश देते हुए सभी उपयंत्रियों की एक - एकवेतन वृद्धि रोकने को कह दिया है।

नगर निगम द्वारा नागरिकों को भवन निर्माण हेतु दी जाने वाली भवन निर्माण अनुज्ञा के अनुरूप भवन निर्माण के बाद उपयंत्रियों को सर्वे करना होता है। इस सर्वे में यह देखा जाता है कि जो मंजूरी दी गई, निर्माण कार्य उसी अनुरुप हुआ है या नहीं। इसके लिए निगम आयुक्त ने सभी उपयंत्रियों को आदेश जारी करके अपने - अपने प्रभार वाले वार्डो में जाकर पूर्व में दी गई मंजूरी के पूरे हुए निर्माण कार्यो को देखने को कहा था, लेकिन किसी भी उपयंत्री ने इस कार्य को नहीं किया। इसके बाद गुरुवार को निगम आयुक्त झारिया ने सभी की एक - एक वेतन वृद्धि रोकने का फरमान जारी कर दिया।

IMAGE CREDIT: patrika

यह है नियम


असल में मध्यप्रदेश नगर पालिक अधिनियम के अनुसार निर्माण कार्य के दौरान हर एक पखवाड़े में जाकर उपयंत्री को देखना होता है कि जो मंजूरी दी गई उसी अनुसार कार्य चल रहा है या नहीं। इसके अलावा जब कार्य पूरा हो जाता है तब कम्पाउंडिंग की जानकारी याने की कार्य पूर्णता की जानकारी देना होती है। इसमे पूर्व में जारी मंजूरी के अनुसार निर्माण हुआ है या नहीं, इस बारे में बताना होता है। इसकी जानकारी ही देने को आयुक्त झारिया ने एक पखवाड़े पूर्व कहा था, लेकिन किसी उपयंत्री ने इस कार्य को नहीं किया। इसके बाद नगर निगम के उपयंत्री राजेश पाटीदार, बृजेश कुशवाह, मनीष तिवारी, बीएल चौधरी, सुहास पंडित, विकास मरकाम, सिद्धार्थ सोनी, दिक्षा मजूमदार, अनीता ठाकुर व राजेंद्र मिश्रा की वेतनवृद्धि रोकी गई है।