
रतलाम. रेलवे ने बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से लेकर रतलाम होते हुए मंदसौर-नीमच के रास्ते चलने वाली उज्जैन- चित्तौड़गढ़ मेमू ट्रेन का रूट तय कर लिया है। ट्रेन को मंजूरी करीब दो साल पहले मिल गई थी, लेकिन कोरोना काल के चलते अब तक रेलवे ट्रेन को रैक के इंतजार में नहीं चला पाया है। ऐसे में अब इस ट्रेन को चलाने के लिए रूट तय हो गया है व आला अधिकारियों के अनुसार अप्रैल माह से इस ट्रेन को इस सेक्शन में चलाने की मंजूरी मिलने जा रही है।
रेलवे के आला अधिकारियों ने बताया कि रेलवे ने कोरोना काल के पूर्व ही उज्जैन-रतलाम-चित्तौड़गढ़ नई मेमू ट्रेन को मंजूरी दे दी थी। इस बीच 22 मार्च 2019 के दौरान रेल यातायात कोरोना के चलते बंद हो गया। इसके बाद इस ट्रेन को चलाने का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया। इस बीच कई जनप्रतिनिधियों ने इस मामले को रेल मंडल, पश्चिम रेलवे के साथ-साथ रेलवे बोर्ड में उठाया। इसके बाद रेलवे बोर्ड ने इस ट्रेन को चलाने के लिए रेल मंडल से रूट मांगा है, जिसे भेज दिया गया।
इस मार्ग से चलेगी नई मेमू
नई मेमू ट्रेन को उज्जैन से फतेहाबाद, गौतमपुरा, बड़नगर, रतलाम, नामली, जावरा से मंदसौर व नीमच होते हुए मल्हारगढ़-जावदरोड होते हुए चित्तौड़गढ़ तक चलाया जाएगा। ट्रेन उज्जैन से सुबह 6 बजे चलेगी। इसी तरह चित्तौड़गढ़ से भी ट्रेन को इसी समय चलाया जाएगा। रेलवे के अनुसार ट्रेन को चलाने का मामला फिलहाल रेलवे बोर्ड में लंबित है, लेकिन रूट मांग लिया गया है।
विद्युतीकरण पूरा होने का इंतजार
रेलवे को असल में विद्युतीकरण कार्य के पूरे होने का इंतजार है। इस समय रेलवे में चित्तौड़गढ़ से रतलाम के बीच बिस्वाकला से नीमच के बीच विद्युतीकरण का कार्य चल रहा है। ऐसे में इस कार्य को 21 मार्च के पूर्व समाप्त करने का रेलवे का निर्णय है। इस कार्य के पूरा होने के बाद ही रेलवे इस मार्ग पर ट्रेन को चलाएगी, यह तय हो गया है। रतलाम रेल मंडल के रेल प्रवक्ता खेमराज मीणा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि उज्जैन-रतलाम-चित्तौड़गढ़ मेमू ट्रेन को चलाने की पूरी तैयारी रेलवे ने की है। इसके लिए रेलवे बोर्ड से मंजूरी का मात्र इंतजार है।
देखें वीडियो- पति की हत्या की सनसनीखेज वारदात
Published on:
26 Feb 2022 03:51 pm
बड़ी खबरें
View Allरतलाम
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
