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रसोईघर में ऐसे संवारे पति-पत्नी का रिश्ता

अपने जीवनसाथी से बिना कहे जरूरी कामों में हाथ बंटाकर अपने मानसिक बोझ को कम करने की कोशिश आसान नहीं होती।

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Amanpreet Kaur

Dec 25, 2017

cooking together

cooking together

जेंडर स्टडीज के विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं को अपने बच्चों और रिलेशनशिप की जरूरतों के बारे में याद नहीं दिलाना पड़ता क्योंकि वे सहानुभूति रखने, पालन-पोषण करने और संवेदनशीलता का पाठ पढ़ते हुए बड़ी हुई हैं। ऐसा नहीं है कि पुरुषों में ये भावनाएं नहीं होतीं लेकिन यह उनका पहला स्वभाव नहीं होता क्योंकि उन्हें सफलता की दिशा में आगे बढऩा, प्रतिस्पर्धी बनना और खुद पर फोकस करना सिखाया जाता है। ऐसे में अपने जीवनसाथी से बिना कहे जरूरी कामों में हाथ बंटाकर अपने मानसिक बोझ को कम करने की कोशिश आसान नहीं होती। कुछ ट्रिक्स अपनाकर इसे आसान बनाया जा सकता है।

दिन की कोई भी घड़ी हो, एक वर्किंग मॉम ऐसे कई काम गिना सकती है, जिन्हें किया जाना बाकी है जैसे घर के टॉवल बदलना, हैंड वॉश की बॉटल को रीफिल करना, बच्चों को हेयरकट के लिए ले जाना आदि। ये सब निश्चित ही मेंटल स्ट्रेस देने वाले होते हैं। वहीं जब एक डैड से पूछा जाता है कि क्या करना है तो आपका सामना खामोशी से होगा यह तय है।

काम की लिस्ट बना दें

ऐसे कामों की लिस्ट बनाएं, जो आपको परेशान कर रही हों और जिन्हें आपके पति आपकी सहायता के बिना पूरा करने में सक्षम हों जैसे हर रात कचरा निकालकर रखना, नहाने से पहले अपनी जरूरत का सामान खुद लेना, जमीन पर फैले कपड़ों को उठाकर रखना, ऑफिस जाने से पहले कॉफी तैयार करते हुए बिखरी रसोई को साफ कर देना। ये छोटे-छोटे काम आपके लिए बड़ी मदद साबित हो सकते हैं।

काम की बुराई न करें

अपने पति के काम की बुराई न करें। अगर उन्हें खाना बनाना पसंद है तो रसोई की सफाई का जिम्मा भी उन्हें ही सौंप दें। हो सकता है उनकी सफाई आपकी सफाई से कम हो लेकिन इसके लिए उनकी बुराई करने से बेहतर होगा कि जब आपको समय मिले तो अपने हिसाब से सफाई कर लें।

अतिरिक्त वक्त का पता

पति से पूछें कि क्या उनके पास कुछ अतिरिक्त काम की जिम्मेदारी उठाने का वक्त है? क्या इस हफ्ते वह आपके हिस्से के काम कर सकेंगे? हो सकता है इस दफा वह ऐसा न कर सकें लेकिन अगली बार जब भी उनके पास समय होगा वह निश्चित ही मदद का हाथ आगे बढ़ाएंगे।

उन्हें श्रेय देना न भूलें

कभी-भी पति की हर मदद के लिए उन्हें श्रेय देना न भूलें। पत्नी होने के नाते आपको खुद से ईमानदार रहना होगा। हो सकता है कि कचरा बाहर न रखने के लिए आप उन्हें कोसने लगें लेकिन ऐसा करने से पहले यह जरूर सोच लें कि हो सकता है इसकी जगह वे कोई और काम कर रहे हों जैसे इंश्योरेंस के बिल संभालना, पौधों की देखभाल या कार की सफाई। श्रेय देने से वह उत्साहित होंगे।

बिना कहे-सुने भी ले सकती हैं मदद

कभी-कभार मदद की जरूरत को आंखों से बयां करें। कई बार आपका हमसफर आपके चेहरे को देखकर समझ जाता है कि आपको मदद चाहिए। जरूरत हो तो आप उन्हें निर्देश दे सकती हैं कि कौनसे काम करने हैं। कुछ समय तक ऐसा करने के बाद आपके पति इसके आदी हो जाएंगे और समझ सकेंगे कि कौनसे काम करने हैं।

पूरी तरह से दें जिम्मेदारी

पति जो काम करना चाहें, उसे उसमें माहिर बना दें, ताकि जो भी काम उन्हें सौंपा जाए उसे वह पूरी तरह से कर पाएं। साथ ही उन्हें यह पता हो कि शुरू से लेकर अंत तक उन्हें ही वह काम करना है और मदद की आशा नहीं करनी है। इससे आप भी उस जिम्मेदारी से पूरी तरह मुक्त रह पाएंगी।