दरअसल, जापानी युवाओं की सोच में गहरा बदलाव आया है। वहाँ का मानना है कि शादी का मतलब अब ज़रूरी नहीं कि प्यार या शारीरिक रिश्तों से जुड़ा हो। इसी सोच से जन्म हुआ एक अनोखे ट्रेंड का 'फ्रेंडशिप मैरिज'।इस तरह की शादी में कपल्स पति-पत्नी की तरह जरूर रहते हैं, लेकिन न तो उनसे रोमांस की उम्मीद की जाती है और न ही शारीरिक रिश्ते निभाने का दबाव होता है। यह रिश्ता एक तरह का साझेदारी मॉडल है, जहाँ दो लोग समान विचारों, शौक और जीवनशैली के आधार पर साथ आते हैं।