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सिर्फ दोस्त, फिर भी शादी,’Friendship Marriage’के पीछे की सोच क्या है?

Friendship Marriage: आज के दौर में युवाओं की सोच बिल्कुल अलग है। वे न सिर्फ शादी को लेकर सवाल उठा रहे हैं, बल्कि उसके विकल्प भी तलाश रहे हैं। भारत, चीन या जापान हर जगह युवा पारंपरिक शादी से बचने लगे हैं। कई तो शादी के नाम से ही पीछे हट जाते हैं।
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भारत

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MEGHA ROY

•

Updated: 24 Aug 2025, 9:00 AM IST

Friendship Marriage,फ्रेंडशिप मैरिज,ट्रेंड

Friend-based marriage concept|फोटो सोर्स – Freepik

Friendship Marriage: हमारे समाज में शादी को लेकर धारणाएं हमेशा से अलग-अलग रही हैं। किसी के लिए यह जिंदगी का अहम पड़ाव है, तो किसी के लिए एक बोझिल सामाजिक बंधन। कुछ लोग इसे परिवार और वंश को आगे बढ़ाने का जरिया मानते हैं, तो कुछ के लिए यह सिर्फ एक परंपरा है जिसे निभाना जरूरी समझा जाता है। लेकिन समय के साथ शादी की परिभाषा बदल रही है।

आज के दौर में युवाओं की सोच बिल्कुल अलग है। वे न सिर्फ शादी को लेकर सवाल उठा रहे हैं, बल्कि उसके विकल्प भी तलाश रहे हैं। भारत, चीन या जापान हर जगह युवा पारंपरिक शादी से बचने लगे हैं। कई तो शादी के नाम से ही पीछे हट जाते हैं। यही वजह है कि कुछ देशों की सरकारें लोगों को शादी करने और बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहन तक देने लगी हैं।खासकर जापान की स्थिति बेहद गंभीर है। वहां का बर्थ रेट 125 साल में सबसे निचले स्तर पर पहुंच चुका है।

नया ट्रेंड फ्रेंडशिप मैरिज

दरअसल, जापानी युवाओं की सोच में गहरा बदलाव आया है। वहाँ का मानना है कि शादी का मतलब अब ज़रूरी नहीं कि प्यार या शारीरिक रिश्तों से जुड़ा हो। इसी सोच से जन्म हुआ एक अनोखे ट्रेंड का 'फ्रेंडशिप मैरिज'।इस तरह की शादी में कपल्स पति-पत्नी की तरह जरूर रहते हैं, लेकिन न तो उनसे रोमांस की उम्मीद की जाती है और न ही शारीरिक रिश्ते निभाने का दबाव होता है। यह रिश्ता एक तरह का साझेदारी मॉडल है, जहाँ दो लोग समान विचारों, शौक और जीवनशैली के आधार पर साथ आते हैं।

कैसे अलग है लव मैरिज से?

यह सुनकर लगता है मानो लोग अपने सबसे अच्छे दोस्त से शादी कर रहे हों, लेकिन ऐसा नहीं है।लव मैरिज में भावनात्मक जुड़ाव और आकर्षण अहम होते हैं।फ्रेंडशिप मैरिज में रिश्ते की नींव आपसी समझ, जिम्मेदारियों का बंटवारा और सुविधा है।

दोनों पार्टनर्स शादी से पहले बाकायदा बैठकर बातें करते हैं घर के काम कैसे बंटेंगे, खर्च कौन उठाएगा, यहां तक कि फ्रिज की जगह किसे मिलेगी। अगर वे चाहें तो बच्चा पाने के लिए आर्टिफिशियल इन्सेमिनेशन का सहारा लेते हैं।

कितने लोग अपना रहे हैं यह चलन?

जापान की ‘कलर्स एजेंसी’ इस तरह की शादियां करवाती है। अब तक लगभग 12 लाख से ज्यादा लोग इसमें दिलचस्पी दिखा चुके हैं और करीब 500 कपल्स की शादी भी हो चुकी है। इनमें से कुछ माता-पिता भी बन चुके हैं।सबसे बड़ी बात यह है कि इस रिश्ते में दोनों को आजादी मिलती है कि अगर चाहें तो शादी के बाहर भी किसी और से रोमांटिक या शारीरिक रिश्ता बना सकते हैं।

क्यों बढ़ रही है इसकी लोकप्रियता?

  • युवाओं को लगता है कि पारंपरिक शादी में बहुत सारी अपेक्षाएं और जिम्मेदारियां होती हैं।
  • महंगाई और नौकरी की असुरक्षा के कारण वे बच्चे पैदा करने से बचते हैं।
  • अकेलेपन से निकलने और एक साथी पाने के लिए यह मॉडल उन्हें सहज लगता है।