
ban on marriage from 2021
साल 2021 के अंतिम माह दिसंबर में अब से चंद दिनों बाद शादी विवाहों रोक लगने जा रही है। जिसके बाद विवाह के लिए अब युवाओं को इंतजार करना होगा। वहीं इसके बाद पुन: शादी विवाह की शुरुआत 2022 में होगी।
जानकारों के अनुसार अभी तो ये रोक जनवरी के मध्य तक ही रहेगी। लेकिन इसके पश्चात साल 2022 में भी कुछ निश्चित माह में इन पर ब्रेक लगेगा।
इस संबंध में जो जानकारी समाने आ रही है उसके अनुसार दरअसल आने वाले बृहस्पतिवार यानि 16 दिसंबर से खरमास की शुरुआत हो रही है, जिसके चलते अब एक माह तक शहनाई नहीं बजेगी यानि वैवाहिक कार्यक्रमों पर ब्रेक लग जाएगा। ऐसे में इस साल 2021 में वैवाहिक सीजन अब चंद दिनों का ही बचा है। जिसके चलते विवाह के लिए इंतजार भी स्वाभाविक रूप से बढ़ेगा।
इसके बाद अब अगले साल यानि 2022 की जनवरी में विवाह मुहूर्त की शुरुआत होगी। जानकारों व पंडितों के अनुसार इस साल सूर्य का धनु राशि में प्रवेश 16 दिसंबर को होगा। ऐसे में धनु संक्राति के साथ ही विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन संस्कार सहित कई अन्य मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाएगी। दरअसल जब सूर्य धनु व मीन राशि में रहता है तो वह समय खरमास कहलाता है। ऐसे में इस खरमास के दौरान विवाह आदि कार्यक्रम करना तो दूर लोग इस संबंध में लड़के-लड़की देखने सहित इससे जुड़े कई काम तक नहीं करते हैं।
इस बार गुरुवार 16 दिसंबर 2021 से सूर्य के धनु में प्रवेश के चलते जहां खरमास की शुरुआत होगी, वहीं इसके बाद 15 जनवरी को सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे और फिर मकर संक्रांति के साथ ही एक माह से लगी शुभ कार्यों पर रोक हट जाएगी।
वर्ष 2022 में ये रहेंगे विवाह के शुभ मुहूर्त-
: जनवरी 2022 में 4 मुहूर्त
: फरवरी 2022 में 7 मुहूर्त
वहीं मार्च 2022 में मीन संक्रांति और गुरु के अस्त रहने के कारण विवाह नहीं होंगे।
: अप्रैल 2022 में 8 मुहूर्त
: मई 2022 में 12 मुहूर्त
: जून 2022 में 9 मुहूर्त
: जुलाई 2022 में 7 मुहूर्त
वहीं साल 2022 से 10 जुलाई से 04 नवंबर तक देवशयन के कारण विवाह मुहूर्त नहीं हैं।
: नवंबर 2022 में 3 मुहूर्त
: दिसंबर 2022 में 6 मुहूर्त
साल 2022 गुरु-शुक्र अस्त : नहीं होंगे विवाह
ज्योतिष के जानकारों के अनुसार विवाह सहित अन्य शुभ कार्यों के लिए गुरु व शुक्र का उदित होना जरूरी है। दरअसल गुरु व शुक्र का बल देखकर ही विवाह मुहूर्त निकाले जाते है। ऐसे में मार्च 2022 में गुरु के अस्त होने व खरमास के कारण जहां विवाह नहीं हो पाएंगे। वहीं नवंबर 2022 की शुरुआत में शुक्र के अस्त होने के कारण विवाह नहीं होंगे। नवंबर में देवउठनी एकादशी के बाद 20 नवंबर को शुक्र का उदय होगा। ऐसे में नवंबर के आखिरी सप्ताह में विवाह कार्यक्रमों की शुरुआत होगी।
2022 के मार्च में नहीं होंगे विवाह-
साल 2022 में 15 जनवरी को मकर संक्रांति के साथ ही वैवाहिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। जिसके बाद 23 फरवरी 2022 तक विवाह का योग रहेगा। 23 फरवरी के बाद गुरु के अस्त होने से विवाह आदि कार्यों पर रोक लग जाएगी। इसी प्रकार मार्च 2022 में गुरु के अस्त और 15 मार्च से 15 अप्रैल तक खरमास होने के कारण विवाह नहीं होंगे। इसके बाद 15 अप्रैल तक विवाह कार्यों की शुरुआत होगी। और देवशयनी एकादशी तक हर माह विवाह होते रहेंगे।
Updated on:
11 Dec 2021, 12:35 PM IST
Published on:
11 Dec 2021, 12:31 PM IST
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