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कोरोना का शनि कनेक्शन, कब आएगा पीक

कोरोना फिर सिर उठाने लगा है। इसलिए भारत समेत दुनिया भर में इससे निपटने की तैयारी तेज हो गई है। इस बीच ज्योतिषी कोरोना वेव के पीछे शनि की स्थिति में बदलाव (Corona Shani Connection) को वजह मान रहे हैं। जानें कब इसका पीक आएगा और इसके पीछे कौन से कारक हैं। कोरोना का ज्योतिषीय आकलन कर रहे हैं पं. सुनील शर्मा।
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Shailendra Tiwari

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Updated: 25 Dec 2022, 12:14 PM IST

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ग्रहों की चाल और कोरोना

भोपाल. कोरोना की नई वेव को लेकर देश अलर्ट मोड पर है। केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार और जिला प्रशासन तक नए वैरिएंट को बेअसर करने और नुकसान को न्यूनतम करने की कोशिश में जुटा है। इसके लिए एहतियात, कोराना गाइडलाइन का पालन और वैक्सीनेशन पर जोर है। इस बीच ज्योतिष प्रभावों का भी आकलन किया जा रहा है। इसको लेकर पंडित सुनील शर्मा ने ग्रह और सितारों की दशा के आधार पर (Corona Shani connection) आकलन किया है कि कोरोना कब पीक पर (covid 19 peak) हो सकता है।

पं. सुनील शर्मा का कहना है कि कोरोना में शनि का अत्यधिक महत्व देखा गया है। इसके फैलने और आने के पीछे की वजह शनि की दशा ही रही है। हालांकि कोरोना के प्रसार में अब तक गुरु का भी अच्छा खासा हाथ देखने को मिला है, गुरु का नीचा होना कोरोना में वृद्धि करता है। इसके अलावा जातकों में कोरोना के फैलाव में राहु और केतु का प्रभाव भी रहता है.


शनि बदल रहे घरः पं. सुनील शर्मा का कहना है कि एक बार फिर शनि ऐसे घर में जा रहे हैं जहां वे इस प्रभाव को बढ़ाते दिखेंगे। यहां यह जान लेना बहुत जरूरी है कि शनि किसी भी राशि में जाने के कुछ समय पूर्व से ही अपना असर दिखाना शुरू कर देते हैं, वहीं शनि किसी राशि से निकलने के पश्चात भी कुछ दिनों तक अपना असर दिखाते रहते हैं.

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इसलिए बढ़ रहा कोरोनाः वर्तमान में यदि हम कोरोना की स्थिति जानना चाहें तो इसके लिए हमें शनि की स्थिति को विशेष तौर पर देखना पड़ता है। ज्ञात हो शनि 17 जनवरी 2023 को अपनी ही राशि कुंभ में प्रवेश करने जा रहे हैं और शनि का कुंभ में प्रवेश कई मायनों में विशेष रहने वाला है। शनि के अपनी ही राशि में आने के प्रभाव से पहले ही कोरोना ने एक बार फिर सिर उठाना शुरू कर दिया है। जैसा कि पूर्व में बताया गया कि शनि किसी ग्रह में प्रवेश से पूर्व अपना प्रभाव दिखाने लगता है, उसी प्रकार शनि के कुंभ में आने से पहले ही कोरोना केस में उछाल देखने को मिल रहा है।

वहीं पं. सुनील शर्मा का आकलन है कि शनि के कुंभ में प्रवेश के बाद कोरोना अपनी अधिकतम स्थिति में पहुंचेगा। शनि का कुंभ में प्रवेश से पहले यानी करीब 9 से 12 जनवरी 2023 तक कोरोना अपनी पीक की ओर होगा और करीब 15 फरवरी तक पीक पर बना रहेगा। इस दौरान कभी कोरोना अत्यधिक ऊंचाई पर रहेगा और कभी कमजोर भी पड़ेगा। ग्रहों की दशा के अनुसार इसके चलते दुनिया की कुल आबादी का करीब 10 से 17 प्रतिशत हिस्सा इसके प्रभाव में आ सकता है।

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चीन में स्थिति होगी खराबः ग्रहों की स्थिति यहां यह भी दर्शा रही है कि कोरोना के चलते एक बार फिर कुछ जगहों पर मृत्यु का तांडव देखने को मिल सकता है। लेकिन यह जगह मुख्य रूप से वहां रहेगी, जहां अब तक कोरोनो को लेकर कोई मजबूत प्रिकॉशन नहीं अपनाया गया है । सबसे ज्यादा स्थिति चीन में खराब होती हुई दिख रही है। वहीं जहां एक तरफ चीन में सबसे अधिक लोग एक ही साथ इस नए वैरिएंट के ग्रसित रहेंगे.