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Hariyali Teej 2021 Date: हरियाली तीज का पर्व है आज,जानें व्रत कथा और इस दिन का महत्व

Hariyali Teej 2021 Date: शादीशुदा महिलाओं के लिए हरियाली तीज का दिन बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस दिन महिलाएं सजती-संवरती हैं। आज के दिन माता पार्वती और भगवान शिव जी को पूजा जाता है। और उनसे अपने पति की लंबी आयु और उनको सदैव खुश रखने कि मन्नत मांगी जाती है। मान्यता है कि इस के दिन भगवान शिव को प्राप्त करने के लिए माता पार्वती जी ने उपवास रखा था।
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नई दिल्ली

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Neelam Chouhan

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Updated: 11 Aug 2021, 12:45 PM IST

Hariyali Teej 2021 Date

Hariyali Teej 2021 Date: नई दिल्ली। आज पूरे भारत में उत्साह के साथ तीज का त्योहार मनाया जाएगा। शादीशुदा औरतों के लिए तीज का त्यौहार बहुत महत्वपूर्ण होता है। इस दिन महिलाएं खूब सजती-संवरती हैं। आज के दिन भगवान शिव जी की और माता पार्वती जी को पूजा जाता है। और उनसे अपने पति की लंबी आयु और सदैव खुश रखने की मन्नत मांगी जाती है। यह त्योहार माता पार्वती और भगवान शिव के पुनर्मिलन के उपलक्ष्य में उत्साह के साथ मनाया जाता है।

हरियाली तीज का महत्व
हरियाली तीज के दिन माता पार्वती और भगवान शिव को पूजा जाता है। मान्यता के अनुसार तीज के दिन माता पार्वती ने भगवान शिव जी को पाने के लिए उपवास रखा था। जिससे प्रसन्न होकर शिव जी ने माता को अपनाया था। माता पार्वती जी को प्रेरणा मानकर, आज के दिन महिलाएं अपने पति के लिए उपवास रखती हैं। और अपने पति की लंबी आयु की मन्नत मांगती हैं। तीज के दिन माता पार्वती में श्रृंगार की चीजें अर्पित की जाती है। इसके बाद तीज की कथा सुनकर,महिलाएं अपने से बड़ी औरतों से आशीर्वाद लेती हैं।

हरियाली तीज व्रत की कथा

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मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शिव जी और माता पार्वती जी के मिलन की कथा आज सुनाई जाती है। भगवान शिव जी माता पार्वती जी से कहते हैं कि देवी तुमने मुझे पाने के लिए 107 बार जन्म लिया है। इसके बाद भी तुम मुझे अपने पति के रूप में न पा सकी। इसके बाद माता पार्वती ने फिर से यानी 108 बार जन्म लिया और पर्वतराज हिमालय में जन्म लिया और बहुत कठिन परिश्रम की। उनके इस कठिन तपस्या को देखकर माता पार्वती के पिता जी भी अत्यंत गुस्सा हो गए थे। लेकिन फिर भी माता शिव भक्ति में लीन रहीं। माता जी के इस कठिन परिश्रम को देख शिव जी प्रसन्न हुए और उनकी मनोकामना पूर्ण करने का वचन दिया। पार्वती माता ने भाद्रपद शुक्ल तृतीया को रेत से शिवलिंग बनाया, तभी से इस दिन को बहुत ही शुभ माना गया है। तब से तीज के दिन शादीशुदा महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं। और भगवान शिव जी और माता पार्वती को पूजती हैं।

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