
प्रतीकात्मक तस्वीर
Holi ke upay: होली की पूजा एक दिन पहले होलिका दहन के दिन की जाती है। फिर होली के दिन रंग खेला जाता है। होलिका दहन की पूजा के लिए कुछ दिन पहले एक स्थान पर पेड़ की टहनियां, गोबर के उपलें, आदि इकट्ठा करके रखे जाते हैं। होलिका दहन के दिन होलिका के पास पूर्व या उत्तर दिशा में मुंह कर बैठ जाना चाहिए। इसके बाद भगवान गणेश और माता गौरी की पूजा करनी चाहिए।
इसके बाद ऊँ होलिकायै नमः, ऊँ प्रह्लादाय नमः, ऊँ नृसिंहाय नमः मंत्र का जाप करना चाहिए। इसके अलावा गेहूं की बालियों को सेंक कर खाने की भी प्रथा है। मान्यता है कि इससे व्यक्ति निरोगी रहता है।
इसके बाद बड़कुल्ले की चार माला लेकर पितृ, हनुमानजी, शीतला माता और परिवार के लिए चढ़ाएं। इसके बाद तीन या सात बार होलिका की परिक्रमा करते हुए कच्चा सूत लपेटें, फिर जल व अन्य सामग्री समर्पित कर दें। धूप पुष्प आदि से पूजा करें।
1. सरसों के तेल का चौमुखी दीपक मुख्य द्वार पर लगाएं, और उसकी पूजा करें। इसके बाद भगवान से सुख समृद्धि की प्रार्थना करें। मान्यता है कि इससे समस्या का निदान हो जाएगा।
2. यदि व्यापार या नौकरी में समस्या आ रही है तो 21 गोमती चक्र लेकर होलिका दहन की रात शिवलिंग पर चढ़ा दें।
3. मनोकामना पूर्ति के लिए होली पर किसी गरीब को भोजन जरूर कराएं।
4. राहु परेशान कर रहा है तो एक नारियल का गोला लेकर उसमें अलसी का तेल भर दें, उसमें थोड़ा गुड़ डालें और होलिका में डाल दें।
5. घर में सुख समृद्धि के लिए घर के मुख्य द्वार पर गुलाल छिड़कें और उस पर दो मुखी दीपक जलाएं।
Updated on:
5 Mar 2025, 12:06 PM IST
Published on:
3 Mar 2023, 8:00 PM IST
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