कार्तिक अमावस्या को दर्श अमावस्या भी कहा जाता है, जो पितरों की आत्मा को शांति देने का सर्वोत्तम दिन है। इस दिन सूर्यास्त के बाद पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना गया है। दीपक में काले तिल डालकर पितरों का स्मरण करें, क्षमा मांगें और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करें। इसके बाद पीपल की परिक्रमा करने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है और रुके हुए कार्यों में प्रगति होती है। इसके अलावा, शिवलिंग पर जल चढ़ाना, ‘ऊं नमः शिवाय’ मंत्र का जाप, और गरीबों को अन्न या वस्त्र दान करना भी अत्यंत शुभ माना गया है। ये सभी कार्य नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर जीवन में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति प्रदान करते हैं।