इन तीनों का प्राप्त करो-(1) अच्छी पुस्तक (2) अच्छी सोबत और (3) अच्छी आदतें। अच्छे, उपयोगी, चरित्र का परिष्कार एवं आत्म सुधार करने वाले सद्ग्रन्थ जिस व्यक्ति के पास है, उसे अकेलापन, नीरसता, शुष्कता कभी न प्रतीत होगी। पुस्तकें सदा सर्वदा चौबीसों घंटे का आत्मसुधार करने को प्रस्तुत हैं, आपको सद्शिक्षाएं देने को मौजूद रहती हैं। इनके सत्संग से अनेक साधारण व्यक्ति महत्ता प्राप्त कर सकते हैं। सत्साहित्य से समाज के ज्ञान का संवर्द्धन चरित्र का संशोधन होता है। उच्च कोटि के साहित्य से ही घर की शोभा है।