31 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Maa Chandraghanta Aarti : मां चंद्रघंटा की आरती और कथा से पाएं मां का आशीर्वाद, यहां है संपूर्ण विवरण

Navratri Day 3 Maa Chandraghanta Katha in Hindi : नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा का विशेष महत्व है। जानें उनकी पौराणिक कथा, आरती, पूजा विधि और जीवन में मिलने वाले चमत्कारी लाभ।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Manoj Vashisth

•

Updated: 21 Mar 2026, 5:00 AM IST

Maa Chandraghanta Aarti

Maa Chandraghanta Aarti : मां चंद्रघंटा की आरती और लाभ (फोटो सोर्स: Gemini AI)

Maa Chandraghanta Aarti : नवरात्रि के पावन दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा होती है, लेकिन तीसरा दिन बेहद खास है। यह दिन है मां चंद्रघंटा का, जिनके माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र उनकी पहचान है। क्या आप जानते हैं कि मां का यह सौम्य दिखने वाला रूप असल में शत्रुओं के लिए काल के समान है? आइए जानते हैं मां के अवतरण की वो रोमांचक कहानी जिसने स्वर्ग का नक्शा बदल दिया।

जब स्वर्ग पर मंडराया संकट: महिषासुर का आतंक

प्राचीन काल में असुरों का राजा महिषासुर अपनी शक्ति के मद में इतना अंधा हो गया था कि उसने सीधे स्वर्ग के सिंहासन पर ही कब्जा करने की ठान ली। उसने देवताओं को युद्ध में हराकर इंद्रलोक से बाहर कर दिया। बेचारे देवता अपनी जान बचाकर ब्रह्मा, विष्णु और महेश के पास पहुंचे।

देवताओं की आपबीती सुनकर त्रिदेवों को इतना क्रोध आया कि उनके मुख से एक दिव्य ऊर्जा (प्रकाश) पुंज निकला। इसी ऊर्जा से देवी चंद्रघंटा प्रकट हुईं।

  • भगवान शिव ने उन्हें अपना त्रिशूल दिया।
  • भगवान विष्णु ने चक्र प्रदान किया।
  • ब्रह्मा जी ने अपना कमंडल भेंट किया।
  • बाकी देवताओं ने भी अपने दिव्य अस्त्र-शस्त्र माता को सौंप दिए।

युद्ध का वो खौफनाक मंजर

जब मां चंद्रघंटा अपने शेर पर सवार होकर युद्ध के मैदान में उतरीं, तो उनके घंटे की भयानक ध्वनि से असुरों के हौसले पस्त हो गए। महिषासुर को लगा था कि वह एक स्त्री को हरा देगा, लेकिन मां का विशाल रूप देखकर उसे अपनी मौत साफ नजर आने लगी। अंत में मां ने महिषासुर का वध कर देवताओं को फिर से उनका राज-पाट वापस दिलाया।

सिर्फ कहानी नहीं, जीवन का सबक हैं मां चंद्रघंटा

मां चंद्रघंटा का स्वरूप हमें सिखाता है कि सौम्यता और साहस का संतुलन कैसे बनाया जाए। उनके हाथ में मौजूद अस्त्र बुराई को मिटाने के लिए हैं, तो उनके चेहरे की शांति भक्तों को सुकून देने के लिए।

मां चंद्रघंटा पूजा के खास लाभ:

डर पर जीत: अगर आपको छोटी-छोटी बातों से डर लगता है, तो मां की पूजा आपको शेर जैसी निडरता देती है।

मानसिक शांति: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव कम करने के लिए मां का ध्यान अचूक उपाय है।

वाणी में मधुरता: कहते हैं मां की कृपा से व्यक्ति की आवाज में सौम्यता आती है।

मां चंद्रघंटा की आरती | Maa Chandraghanta Aarti lyrics

जय मां चंद्रघंटा सुख धाम
पूर्ण कीजो मेरे काम
चंद्र समान तू शीतल दाती
चंद्र तेज किरणों में समाती
क्रोध को शांत बनाने वाली
मीठे बोल सिखाने वाली
मन की मालक मन भाती हो
चंद्र घंटा तुम वरदाती हो
सुंदर भाव को लाने वाली
हर संकट मे बचाने वाली
हर बुधवार जो तुझे ध्याये
श्रद्धा सहित जो विनय सुनाय
मूर्ति चंद्र आकार बनाएं
सन्मुख घी की ज्योत जलाएं
शीश झुका कहे मन की बाता
पूर्ण आस करो जगदाता
कांची पुर स्थान तुम्हारा
करनाटिका में मान तुम्हारा
नाम तेरा रटू महारानी
'भक्त' की रक्षा करो भवानी

(आरती करते समय मन को पूरी तरह शांत रखें और सुनहरे रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है।)

काम की बात: क्या करें तीसरे दिन?

इस दिन मां को दूध या दूध से बनी मिठाई (जैसे खीर) का भोग लगाना बहुत शुभ होता है। इससे भक्तों के जीवन के सभी दुख दूर हो जाते हैं। साथ ही, माता को सुनहरा या भूरा (Brown) रंग बेहद प्रिय है, तो इस रंग के कपड़ों का चुनाव करें।

अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।