
Masik Shivratri 2026 : मासिक शिवरात्रि 2026: जानें निशिता काल, चार प्रहर पूजा और व्रत पारण समय (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)
Masik Shivratri Kab Hai: 13 जून 2026 को मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) मनाई जाएगी। यह दिन भगवान शिव की आराधना और रात्रि पूजा के लिए विशेष माना जाता है। इस बार शिवरात्रि शनिवार को पड़ रही है, इसलिए इसका धार्मिक महत्व और बढ़ गया है। भक्त निशिता काल (Nishita Kaal) और चार प्रहर में शिव पूजा कर सकते हैं। जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, व्रत पारण समय और पारंपरिक उपाय।
सनातन परंपरा में शिवरात्रि का मतलब सिर्फ पूजा-पाठ नहीं है, इसमें गहरा विज्ञान भी छुपा है। धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार चंद्रमा की स्थिति का मन और भावनाओं पर प्रभाव माना जाता है। व्रत रखने और रातभर जागने से शरीर में सत्व गुण बढ़ता है, जिससे तामसिक और राजसिक सोच धीरे-धीरे थम जाती है।
धार्मिक मान्यता है कि रात का निशिता काल (Nishita Kaal) यानि आधी रात का वक्त ऐसा समय होता है जब भगवान शिव की चेतना सबसे ज्यादा जागृत रहती है। इस दौरान ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप और शिवजी के मंत्रों का पाठ सीधा उन्हें तक पहुंचता है।
द्रिक पंचांग के अनुसार 13 जून 2026 को चतुर्दशी तिथि शुरू होती है शाम 4:08 बजे, और अगले दिन दोपहर 12:20 बजे तक चलेगी। शिवरात्रि की प्रमुख पूजा रात में होती है, जिसे चार प्रहर में बांटा गया है:
व्रत खोलने का समय है 14 जून, सुबह 5:44 से दोपहर 12:20 के बीच।
अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहाँ दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।
Published on:
12 Jun 2026 10:18 am
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