14 जून 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Masik Shivratri 2026: मासिक शिवरात्रि कब है? जानें चार प्रहर पूजा का समय और उपाय

Shivratri Puja Muhurat: मासिक शिवरात्रि 2026 पर भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। जानें निशिता काल, चार प्रहर पूजा का समय और शिव आराधना से जुड़ी पारंपरिक मान्यताएं।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Manoj Vashisth

Jun 12, 2026

Shivratri Puja Muhurat

Masik Shivratri 2026 : मासिक शिवरात्रि 2026: जानें निशिता काल, चार प्रहर पूजा और व्रत पारण समय (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)

Masik Shivratri Kab Hai: 13 जून 2026 को मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) मनाई जाएगी। यह दिन भगवान शिव की आराधना और रात्रि पूजा के लिए विशेष माना जाता है। इस बार शिवरात्रि शनिवार को पड़ रही है, इसलिए इसका धार्मिक महत्व और बढ़ गया है। भक्त निशिता काल (Nishita Kaal) और चार प्रहर में शिव पूजा कर सकते हैं। जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, व्रत पारण समय और पारंपरिक उपाय।

मासिक शिवरात्रि 2026 का महत्व (Masik Shivratri 2026)

सनातन परंपरा में शिवरात्रि का मतलब सिर्फ पूजा-पाठ नहीं है, इसमें गहरा विज्ञान भी छुपा है। धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार चंद्रमा की स्थिति का मन और भावनाओं पर प्रभाव माना जाता है। व्रत रखने और रातभर जागने से शरीर में सत्व गुण बढ़ता है, जिससे तामसिक और राजसिक सोच धीरे-धीरे थम जाती है।

धार्मिक मान्यता है कि रात का निशिता काल (Nishita Kaal) यानि आधी रात का वक्त ऐसा समय होता है जब भगवान शिव की चेतना सबसे ज्यादा जागृत रहती है। इस दौरान ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप और शिवजी के मंत्रों का पाठ सीधा उन्हें तक पहुंचता है।

मासिक शिवरात्रि पूजा मुहूर्त (Masik Shivratri Puja Muhurat)

द्रिक पंचांग के अनुसार 13 जून 2026 को चतुर्दशी तिथि शुरू होती है शाम 4:08 बजे, और अगले दिन दोपहर 12:20 बजे तक चलेगी। शिवरात्रि की प्रमुख पूजा रात में होती है, जिसे चार प्रहर में बांटा गया है:

  • निशिता काल (सबसे शक्तिशाली समय): 14 जून, 12:05 से 12:48 AM (सिर्फ 43 मिनट का समय, एकदम खास)
  • पहला प्रहर: 13 जून, 7:09 से 9:48 PM
  • दूसरा प्रहर: 13 जून 9:48 PM से 14 जून 12:26 AM
  • तीसरा प्रहर: 14 जून 12:26 AM से 3:05 AM
  • चौथा प्रहर: 3:05 से 5:44 AM

व्रत खोलने का समय है 14 जून, सुबह 5:44 से दोपहर 12:20 के बीच।

मासिक शिवरात्रि चार प्रहर पूजा का समय (Masik Shivratri Char Prahar Puja Time)

  • नित्य शिवरात्रि: रोजाना सोने से पहले ध्यान और मंत्र जाप।
  • मासिक शिवरात्रि: हर माह की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को आती है।
  • माघ शिवरात्रि: माघ महीने में चलने वाली खास साधना।
  • महाशिवरात्रि: फाल्गुन में पड़ती है, शिव और शक्ति के मिलन का त्योहार।

शिवरात्रि के उपाय और धार्मिक मान्यताएं

  • रात 12 बजकर 5 मिनट पर शिवलिंग का रुद्राभिषेक करें। गाय का दूध, थोड़ा गंगाजल और मिश्री मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं, मन को शांति मिलती है।
  • शिव लिंग पर 3 या 5 बेलपत्र चढ़ाएं, खास बात उस पर सफेद चंदन से राम लिखा हो। कहते हैं, ऐसा करने से बंद किस्मत के दरवाजे भी खुल सकते हैं।
  • चूंकि यह शनिवार है, तो ताम्बे के लोटे में पानी लें, उसमें काले तिल डालें और 'ॐ नमः शिवाय' के मंत्र के साथ जल शिव जी पर चढ़ाएं।

अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहाँ दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।