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Navratri Vrat Upay : चैत्र नवरात्रि 2026: गलती से टूट गया है व्रत? इन आसान उपायों से मांगें क्षमा, नहीं लगेगा दोष

Navratri Vrat Upay : चैत्र नवरात्रि 2026 में अगर आपका व्रत गलती से टूट गया है तो परेशान न हों। जानें शास्त्रों के अनुसार दोष से बचने के आसान उपाय, प्रायश्चित के तरीके और मां दुर्गा से क्षमा मांगने की सही विधि।

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भारत

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Manoj Vashisth

Mar 25, 2026

Navratri Vrat

Navratri Vrat : गलती से व्रत टूट गया? जानिए मां दुर्गा से क्षमा पाने का आसान तरीका (फोटो सोर्स: Gemini AI)

Navratri Vrat Upay :चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व श्रद्धा और शक्ति की उपासना का समय है। हम में से बहुत से लोग पूरे नौ दिनों तक कड़े नियमों के साथ (Chaitra Navratri 2026 Vrat Rules) उपवास रखते हैं। लेकिन इंसान हैं, तो गलती होना भी स्वाभाविक है। कभी भूलवश कुछ खा लेना, तो कभी सेहत बिगड़ने के कारण व्रत का टूट जाना ऐसी स्थिति में मन में भारी पछतावा और डर बैठ जाता है कि कहीं माता रानी नाराज न हो जाएं।

अगर आपसे भी इस नवरात्रि अनजाने में कोई (Navratri fast broken what to do) चूक हो गई है, तो घबराइए मत। शास्त्रों में भाव को प्रधान माना गया है। यहां जानिए वे आसान और प्रभावी तरीके, जिनसे आप अपने व्रत का दोष दूर कर सकते हैं:

1. सच्चे मन से क्षमा याचना (सबसे बड़ा प्रायश्चित)

    ईश्वर भाव के भूखे होते हैं, भोजन के नहीं। अगर व्रत टूट गया है, तो सबसे पहले मंदिर के सामने बैठकर हाथ जोड़ें और अपनी भूल स्वीकार करें।

    क्या करें: शांत मन से मां दुर्गा के मंत्र ‘ॐ दुं दुर्गायै नमः’ का 108 बार (एक माला) जाप करें। यह आपके मन के तनाव को कम करेगा और अनजाने में हुई गलती का प्रभाव खत्म करेगा।

    2. छोटा हवन और गंगाजल का छिड़काव

      शुद्धिकरण के लिए अग्नि को सबसे पवित्र माना गया है। अगर आपको लगता है कि बड़ी गलती हुई है, तो घर में छोटा सा हवन करें।

      विधि: आम की लकड़ी पर कपूर, घी और हवन सामग्री की आहुति दें। इसके बाद पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें। इससे घर की नकारात्मकता दूर होती है और वातावरण फिर से भक्तिमय हो जाता है।

      3. कन्या पूजन: नन्हीं देवियों का आशीर्वाद

        नवरात्रि में कन्याओं को साक्षात माँ का स्वरूप माना जाता है।

        उपाय: यदि व्रत खंडित हो गया है, तो कम से कम दो छोटी कन्याओं को श्रद्धापूर्वक भोजन कराएं। उन्हें फल या कुछ दक्षिणा देकर विदा करें। उनका मुस्कुराता हुआ चेहरा आपकी हर मानसिक चिंता को हर लेगा।

        4. सफेद वस्तुओं का दान

          हिंदू धर्म में दान को सबसे बड़ा प्रायश्चित माना गया है। अपनी क्षमता के अनुसार किसी जरूरतमंद या ब्राह्मण को सफेद वस्तुएं (जैसे दूध, चावल, चीनी या सफेद कपड़े) दान करें। यह शुक्र ग्रह और मन की शांति के लिए भी उत्तम माना जाता है।

          5. सेहत का ध्यान और मानसिक शुद्धि

            अगर आपकी तबीयत खराब होने की वजह से व्रत टूटा है, तो खुद को बिल्कुल न कोसें। शास्त्रों के अनुसार, बीमार शरीर के साथ जबरदस्ती व्रत करना सही नहीं है। ऐसे में फलहार लें और केवल मानसिक पूजा पर ध्यान दें। माँ आपकी विवशता को समझती हैं।

            कुछ खास बातें

            भूलवश हुआ तो दोष नहीं: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि अनजाने में पानी पी लिया जाए या कुछ खा लिया जाए, तो उसे पूर्ण रूप से व्रत भंग नहीं माना जाता, जब तक कि आपके विचार अशुद्ध न हों।

            संकल्प की शक्ति: व्रत टूटने के बाद हार मानकर पूजा न छोड़ें। स्नान करके दोबारा संकल्प लें और शेष दिनों का व्रत पूरी निष्ठा से करें।

            अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।

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