
सद्गुरु जीवी के विचार योग प्यार सफलता और जीवन पर
गुरु व्यक्ति अंधकार से उजाले की ओर ले जाता है और संकट में रास्ता दिखाता है। इसलिए भारतीय जीवन दर्शन में बार-बार गुरु की महिमा बखानी गई है, कहीं कहा गया है कि गुरु के बिना ज्ञान नहीं हो सकता तो कहीं कहा गया है कि 'बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताय'। कुल मिलाकर गुरु ही है जो व्यक्ति को अपना ज्ञान देकर इस संसार के संकट से तो उबारता ही है, पारलौकिक राह दिखाकर व्यक्ति जीवन का मकसद उसे बताता है। ऐसे ही ज्ञान के लिए हम जानते हैं सद्गुरु के आठ कोट (SadhguruQuotes), जिसमें ज्ञान का खजाना छिपा है।
सद्गुरु के विचार (Sadhguru ke vichar)
1. योग अपने अंदर पूर्ण संतुलन, गहरी स्पष्टता और असीम उत्साह व उल्लास पैदा करने के लिए होता है। इससे आप जीवन के लिए जबरदस्त तरीके से तैयार हो जाते हैं।
2. हमेशा यह देखें कि आप अपने आसपास के लोगों के लिए सबसे अच्छा क्या कर सकते हैं। अर्पण की यह भावना आपको रोशन कर देगी।
3. जीवन का लक्ष्य मुक्ति है, न कि नियंत्रण या सत्ता। इसका लक्ष्य अपने आप से , अर्जित की हुई चीजों से , शरीर और मन के तौर तरीकों से और जीवन के ध्रुवीकरण से मुक्त होना है।
4. आध्यात्मिकता कोई अपंगता नहीं है। यह इस बारे में नहीं है कि आप क्या नहीं कर सकते, बल्कि आप जो सब कुछ कर सकते हैं यह उसके बारे में है।
5. जब उल्लास चरम पर होता है तो यह आपके शरीर में नृत्या के रूप में अभिव्यक्त होता है।
6. सद्गुरु जग्गी वासुदेव (Sadhguru jaggi vasudev) का कहना है कि प्रेम जरूरत नहीं बल्कि एक चाह है। जब आप प्रेम करते हैं, तब आप स्थिर हो जाते हैं फिर किसी और चीज की जरूरत नहीं रह जाती।
7. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि जीवन आप के ऊपर क्या फेंकता है, आपके पास यह चुनने की आजादी होती है कि उसको कैसे रिस्पॉन्ड करना है। अगर आप चुनने की इस आजादी का हमेशा इस्तेमाल करते हैं तो आप एक सफल इंसान हैं।
8. आप जिस चीज पर ध्यान देने का चुनाव करते हैं, वही आपके जीवन की क्वालिटी को तय करती है।
Updated on:
7 May 2023, 6:36 PM IST
Published on:
7 May 2023, 6:33 PM IST
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