पहला चरण: उदय चरण
ये शनि साढ़े साती का सबसे पहला चरण होता है। इस चरण में आमतौर पर आर्थिक हानि, शत्रुओं से नुकसान, विवाद और निर्धनता की आशंका रहती है। इस दौरान गुप्त शत्रु व्यक्ति को काफी परेशान करते हैं। सहकर्मियों से संबंध खराब रहते हैं। पारिवारिक मामलों में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। खर्चों पर नियंत्रण नहीं रहता। आर्थिक संकट में फंसने का खतरा रहता है। यात्राएं फलदायी नहीं होती। इस दौर में जितना हो सके कड़ी मेहनत करें और कुछ न कुछ नया सीखने की कोशिश करें, परिस्थितियां अपने आप ही सही होती चली जाएंगी।