
Weekly Vrat Tyohar List : चंपक द्वादशी पर क्यों की जाती है विष्णु पूजा (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)
Weekly Vrat Tyohar List: हिंदू पंचांग के अनुसार इस सप्ताह निर्जला एकादशी, चंपक द्वादशी, गंगा स्नान और शनि प्रदोष व्रत जैसे कई महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व पड़ रहे हैं। इन व्रतों और पर्वों का सनातन परंपरा में विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालु इन अवसरों पर पूजा, दान, स्नान और जप-तप के माध्यम से आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।
इस हफ्ते की शुरुआत होती है निर्जला एकादशी से, जिसे साल की सबसे कठिन और सबसे बड़ी एकादशी माना गया है। इसके बाद चंपक द्वादशी, गंगा स्नान और शनि प्रदोष व्रत बारी-बारी आते हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित प्रमोद शर्मा के अनुसार, वर्तमान ग्रह स्थिति दान, स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अनुकूल मानी जा रही है।
साल में जितनी भी एकादशी आती हैं, उनमें निर्जला एकादशी ( की बात अलग है। इस दिन न अन्न खाते हैं, न पानी की एक बूंद तक। इसे ‘भीमसेनी एकादशी’ भी कहते हैं। मान्यता है अगर किसी ने बाकी एकादशियों का व्रत नहीं किया, तो सिर्फ यही निर्जला एकादशी पूरी श्रद्धा से करने से बाकी सभी एकादशियों का पुण्य मिल जाता है। इस दिन विष्णु भगवान की पूजा होती है और व्रत के बाद यदि घड़ा, आम और पंखा दान करें तो विशेष फल मिलता है।
निर्जला एकादशी के अगले दिन (26 June 2026) आती है चंपक द्वादशी, जो भगवान गोविंद यानी विष्णु जी को समर्पित है। इस दिन चंपा के फूल कृष्ण या विष्णु को अर्पित किए जाते हैं। कहा जाता है, चंपा के फूलों की खुशबू से पूजा करें तो जीवन की कड़वाहटें कम हो जाती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है।
इस खास सप्ताह में गंगा नदी में स्नान करने का बड़ा महत्व है। हरिद्वार, वाराणसी या ऋषिकेश जैसे घाटों पर हजारों श्रद्धालु जुटते हैं। शास्त्रों में लिखा है इस दिन गंगा में डुबकी लगाने से तन-मन के पाप दूर होते हैं। अगर आप गंगा तट तक नहीं जा सकते, तो घर के नहाने के पानी में गंगाजल डाल लीजिए और बाद में जरूरतमंदों को अन्न, तिल या वस्त्र दान करिए।
शनिवार (27 June 2026) के दिन जो प्रदोष व्रत पड़ता है, उसे शनि प्रदोष कहते हैं और इसे बहुत शुभ माना गया है। इस दिन शिव और शनिदेव दोनों की कृपा पाना आसान होता है। जिन लोगों पर साढ़ेसाती या ढैय्या का असर है, उनके लिए तो ये व्रत किसी वरदान से कम नहीं। शाम के वक्त शिवजी का अभिषेक करें और पीपल के पेड़ के नीचे सरसों तेल का दीपक लगाएं, इससे कुंडली के दोष दूर होते हैं।
इस बार सूर्य-बुध की युति कई राशियों में बुधादित्य योग बना रही है। ज्योतिषियों के मुताबिक, इस अवधि में किया गया दान या पुण्य सामान्य दिनों के मुकाबले दस गुना बढ़कर फल देता है। गर्मियों में राहगीरों को ठंडा पानी पिलाना, प्याऊ लगवाना या पशु-पक्षियों के लिए दाने-पानी की व्यवस्था करना बहुत बड़ा पुण्य है।
अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहाँ दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।
Updated on:
25 Jun 2026 03:03 pm
Published on:
25 Jun 2026 03:03 pm
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