
क्यों लगाया जाता है माथे पर तिलक, जानें इससे जुड़े फायदे और नियम
हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आमतौर पर कुमकुम, हल्दी, चंदन, भस्म आदि का तिलक या टीका लगाने की परंपरा चली आ रही है। पूजा-पाठ के दौरान, त्योहारों पर या किसी खास काम के लिए बाहर जाने से पहले तिलक लगाने का विधान है। वहीं कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें दिखावे के लिए तिलक लगाना पसंद नहीं होता तो वे अपने माथे पर जल से भी तिलक लगा सकते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शास्त्रों में तिलक लगाने को इतना महत्वपूर्ण क्यों माना गया है। आइए जानते हैं इसके फायदों के बारे में...
तिलक लगाने के लाभ
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रोजाना अपने माथे पर तिलक लगाने से कुंडली में ग्रहों को शांति मिलती है, व्यक्ति के स्वभाव में मधुरता आती है तथा उसके सौभाग्य में वृद्धि होती है। वहीं जिस घर के लोग नियमित चंदन का तिलक या टीका लगाते हैं उनके घर में धन-धान्य बना रहता है।
इसके अलावा इसका वैज्ञानिक मत भी है। माना जाता है कि तिलक लगाने से यह आपके आत्मविश्वास में वृद्धि करता है। वहीं नियमित रूप से माथे पर तिलक लगाने से यह आपके मस्तिष्क को शीतलता प्रदान करता है और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है। वहीं माथे के बीच-बीच तिलक लगाने से यह आपकी मन की एकाग्रता बढ़ाने में भी सहायक माना जाता है।
तिलक लगाने के नियम
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अनामिका उंगली और अंगूठे से तिलक लगाना शुभ होता है। मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति को अपने कार्यों में सफलता और उसके मान-सम्मान में वृद्धि प्राप्त होती है।
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Updated on:
21 Aug 2022, 12:04 PM IST
Published on:
21 Aug 2022, 12:03 PM IST
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