
Mangalvar Vrat Katha
सनातन धर्म में 33 कोटी देवी देवताओं की मान्यता है। वहीं सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवता विशेष के लिए निर्धारित किया गया है। सप्ताह के इन्हीं दिनों में से मंगलवार का का दिन कलयुग के देवता व श्रीरामभक्त हनुमान व माता दुर्गा का माना गया है।
मान्यता के अनुसार सप्ताह के इन निश्चित दिनों में निश्चित देवी या देवता की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है∣
ऐसे में आज मंगलवार होने के कारण आज हम आपको मंगलवार के बारे में बता रहे है। ज्योतिष में भी चुंकि मंगल का पराक्रम का कारक माना गया है इस कारण हम आपको चिरंतीवी व अतुलित बल के स्वामी श्री हनुमान जो इस दिन के कारक देव भी हैं, उनके बारे में बता रहे हैं।
मान्यता है कि इस दिन यानि मंगलवार के दिन उपवास करने से व्रती का जीवन मंगलमयी हो जाता है। नारद पुराण के अनुसार मंगलवार का व्रत करने से भय और चिंताओं का तो अंत होता ही है साथ ही शनि की महादशा या साड़ेसाती से हो रही परेशानी भी खत्म हो जाती है।
ऐसी भी मान्यता है जो भी मंगलवार का व्रत रखता है और बजरंगबली को प्रसन्न करता है, साथ ही हनुमान जी की कृपा से उसे मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है, इसके अलावा व्यक्ति सभी तरह के संकटों से मुक्त हो जाता है।
मंगलवार की व्रत कथा: Mangalvar Vrat Katha
पंडित एसके पांडे के अनुसार मंगलवार व्रत कथा के अनुसार पुराने समय में एक नि:संतान ब्राह्यण दम्पति थे, जो संतान न होने के कारण काफी दुखी रहा करते थे। एक दिन ब्राह्मण संतान की तीव्र लालसा लिए वन को चले गए और अपनी पत्नी को कहा कि वो हनुमान जी को प्रसन्न करने जा रहे हैं जिससे उन्हें पुत्र की प्राप्ति हो।
इसके बाद वह वन में पहुंचकर तपस्या करने लगे, इधर घर पर उनकी पत्नी भी मंगलवार का व्रत रखकर हर मंगलवार को हनुमान जी को भोग लगाने लगी। एक बार ब्राह्मणी भोजन न बना पायी और न ही हनुमान जी को भोग न लगा पाई, जिसके बाद उसने प्रण लिया कि अगले मंगलवार आने तक वो भी भूखी रहेगी।
पूरे छह दिन भूखे रहने के कारण ब्राह्मणी बहुत कमजोर हो गयी और चक्कर खाकर गिर गयी। अपने भक्त की यह स्थिति देख हनुमान जी ने उस स्त्री को दर्शन देकर पुत्र रत्न की प्राप्ति का आशीर्वाद दिया। और फिर उसे एक बालक दे दिया, उस स्त्री ने बालक का नाम मंगल रखा।
कुछ समय बीतने के बाद जब ब्राह्मण घर आया तो उसने बालक को देखकर उसके बारे में अपनी पत्नी से पूछा कि ये कौन है? पत्नी के द्वारा सभी बातें बताने पर उसने पत्नी की बातों को झूठा मानकर ब्राह्मण ने सोचा कि उसकी पत्नी व्यभिचारिणी है।
और फिर एक दिन मौका पाकर ब्राह्मण ने उस बालक को कुंए में गिरा दिया, और घर पर पत्नी के पूछने पर ब्राह्मण घबरा गया, लेकिन तभी पीछे से मुस्कुराते हुए मंगल को आया देख ब्राह्मण आश्चर्य से भर गया।
रात को हनुमानजी ने ब्राह्मण को सपने में दर्शन देकर पूरी कथा बतायी, तो वह अत्यंत प्रसन्न हुआ। इसके बाद वह दम्पति हर मंगल को व्रत रखकर खुशी खुशी अपना जीवन व्यतीत करने लगे।
ऐसे रखें मंगलवार का व्रत... Mangalwar vrat
पंडित एके शुक्ला के अनुसार मंगलवार का व्रत कम से कम 21 मंगलवार तक लगातार करना चाहिए, इसके तहत व्रत रखने वाले जातक को सुबह समय से उठकर नहा धोकर लाल वस्त्र पहनकर तैयार हो जाना चाहिए।
उसके बाद ईशान कोण में हनुमान जी का चित्र लगाकर पूजा करनी चाहिए। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगलवार का व्रत उन लोगों को करने की सलाह दी जाती है जिनकी कुंडली में मंगल ग्रह निर्बल होता है या मंगल ग्रह शुभ फल नहीं दे रहा होता है। इसके अलावा मंगलवार का व्रत रखने से और भी बहुत से फायदे मिलते हैं।
मंगलवार व्रत विधि , Mangalvar Vrat Vidhi in Hindi
मंगलवार व्रत करने वाले जातक को मंगलवार के दिन ब्रह्मचर्य का अवश्य पालन करना चाहिए। प्रत्येक मंगलवार को सुबह सूर्य उदय से पहले उठ जाना चाहिए। स्नान करने के बाद जातक को लाल रंग का वस्त्र पहनना चाहिए।
इसके बाद लाल फूल, सिंदूर, कपड़े आदि हनुमान जी को चढ़ाना चाहिए। पूरे भक्तिभाव से हनुमान जी के सामने बैठकर ज्योति जलाने के बाद हनुमान चालीसा या सुंदर कांड का पाठ करना चाहिए।
इसके अलावा इस दिन मांस, अंडे, खट्टे और तले हुए मसालेदार और बासी या संरक्षित व ठंडे पदार्थ राजसी-तामसी प्रवृतियों को बढ़ावा देते हैं। व्रत के अनुसार नमक का सेवन करने की भी मनाही है, क्योंकि यह शरीर में उत्तेजना उत्पन्न करता है। इसलिए उपवास के दौरान इसका सेवन नहीं किया जाना चाहिए।
नहीं रहता शत्रु का भय
मंगलवार का व्रत रखने से आपको शत्रुओं का भय नहीं रहता है और यदि आपका कोई शत्रु आप पर बुरी दृष्टि भी रखता है, तो उससे भी आपको बचे रहने में मदद मिलती है।
इसके अलावा यदि किसी जातक की कुंडली में मांगलिक दोष है तो भी मंगलवार का व्रत रखने से मांगलिक दोष को खत्म करने में मदद मिलती है। साथ ही मांगलिक दोष के कारण आपको हो रही समस्या के निवारण होने में मदद मिलती है।
वहीं ये भी मान्यता है कि मंगलवार का व्रत रखने से धन, यश, साहस, बल, पुरुषार्थ बढ़ता है। जीवन में सम्मान मिलता है, खुशियों के रास्ते खुलते हैं। आपके तरक्की के रास्ते में आ रही रुकावट दूर होती है।
संतान प्राप्ति के लिए
माना जाता है कि यदि कोई जातक को संतान प्राप्ति नहीं हो रही है तो भी मंगलवार का व्रत करना बहुत फायदेमंद होता है। क्योंकि मंगलवार का व्रत यदि संतान प्राप्ति की इच्छा से किया जाता है तो इस इच्छा को पूरा करने में मदद मिलती है।
Published on:
08 Jun 2021 12:20 pm
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