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रीवा . भावांतर भुगतान योजना के तहत किसानों का उपज की बिक्री में मुनाफा कम नुकसान ज्यादा नजर आ रहा है।योजना के तहत गेहूं के अलावा अन्य फसलों की बिक्री के लिए जिले के कृषि उपज मंडियों की गई व्यवस्था इसका कारण माना जा रहा है। ऐसे में किसानों को उपज की बिक्री में गांव से लेकर मंडी का तक किराया जेब से भरना पड़ेगा।
शासन स्तर से योजना के तहत बिक्री के बावत की गई व्यवस्था के मद्देनजर खरीदी केंद्रों में केवल समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदारी की जाएगी। भावांतर योजना के तहत चना, सरसो व मसूर उपज की बिक्री के बावत पंजीयन कराने वाले किसानों की उपज समर्थन मूल्य पर खरीदी तो जाएगी। लेकिन जिले की कृषि उपज मंडियों में।ऐसे में तय है कि किसानों का उपज लेकर मंडी तक पहुंचने में भारी किराया खर्च होगा।
तैयारी जोरों पर, गर्मी में किसानों के लिए व्यवस्था
अधिकारियों के मुताबिक योजना के तहत मंडी में उपज की खरीदारी के बावत तैयारी जोरों पर है। किसान १० अप्रैल से उपज की बिक्री कर सकेंगे। बिक्री के मंडी पहुंचने वाले किसानों को गर्मी में समस्या न हो, इसके मद्देनजर तैयारी तेजी के साथ की जा रही है।
खेत में नरवाई जलाया तो किसान पर होगी कार्रवाई
गेहूं के फसल की कटाई के बाद खेत में नरवाई जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। प्रतिबंध के बावजूद नरवाई जलाए जाने की स्थिति में संबंधित किसान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आगजनी की घटना से बचाव के मद्देनजर इस आशय की निर्देश जारी किया गया है। कृषि विभाग की ओर से पूर्व में जारी इस आदेश के प्रति किसानों को जागरूक करने का बीड़ा उठाया गया है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने मैदानी अमले को इस आशय का निर्देश दिया है कि वह किसानों को खेत में गेहूं की नरवाई जलाने से रोकें। मैदानी अमले को निर्देश है कि वह किसानों को इस आशय की जानकारी भी दें कि नरवाई जलाने की स्थिति में किसान को जेल जाने तक की नौबत भी आ सकती है। गौरतलब है कि ३० मार्च में अतरैला थाना अंतर्गत दो गांव लूक व पुरौना में खेत में आग लगने के चलते १५ एकड़ की फसल नष्ट हो गई। फिलहाल यह आग जंगल में लगी आग से फैली है।
हाल में हुई घटना से हुए सक्रिय
कृषि विभाग के अधिकारी अभी हाल में हुई आगजनी की घटनाओं के मद्देनजर सक्रिय हुए हैं। दरअसल पूर्व में जिला प्रशासन की ओर से खेत में नरवाई जलाने पर कार्रवाई करने का आदेश जारी हुआ है। इसी के मद्देनजर अधिकारी किसानों को जागरूक करने में जुटे हैं। गौरतलब है कि किसान गेहूं के बालियां काटकर पौधों (नरवाई) को खेत में ही जला देते हैं।
Published on:
06 Apr 2018 02:16 pm
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