
Cancer sufferer suffering from radiation therapy in SGMH
रीवा. विंध्य के सबसे बड़े अस्पताल संजय गांधी हॉस्पिटल में कैंसर विभाग के रेडियोथेरेपी वार्ड की व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते कैंसर वार्ड में मरीजों की समय से सेकाई नहीं होने से कैंसर पीडि़त तिल-तिल कर तड़प रहे हैं। कैंसर यूनिट वार्ड में 20 से अधिक मरीजों को रेडियोथेरेपी के लिए रखा गया है।
निजी संस्था के हवाले रेडियोथेरेपी की व्यवस्था
संजय गांधी अस्पताल के कैंसर विभाग में रेडियोथेरेपी की व्यवस्था निजी संस्था के हवाले रेडियोथेरेपी की व्यवस्था एजेंसी आशा केयर सेंटर नाम की संस्था को दी गई है। संस्था के द्वारा मरीजों के आब्जर्बेशन के लिए डॉ. पुष्पा किरार की नियुक्ति की गई है। कैंसर यूनिट सूत्रों के अनुसार डॉ किरार महीनेभर में बीस दिन रहती हैं। हर माह के शेष दस दिन मरीजों की रेडियोथेरेपी की व्यवस्था भगवान भरोसे रहती है। दस दिन तक मरीजों की समय से सेकाई नहीं होने के कारण मरीजों को परेशानी हो रही है। कई कैंसर पीडि़त मरीजों के परिजनों ने बताया कि सेकाई के लिए घर से लाकर वार्ड में भर्ती कराया गया है।
वार्ड में रखने मरीजों से ले रहे 1200 रूपए
निजी संस्था के हवाले रेडियोथेरेपी की व्यवस्था गांधी अस्पताल के कैंसर विभाग में रेडियोथेरेपी की व्यवस्था निजी संस्था के हवाले रेडियोथेरेपी की व्यवस्था कैंसर यूनिट के रेडियोथेरेपी वार्ड में प्रत्येक मरीजों को रखने के लिए 800 से 1200 रुपए लिया जा रहा है। कई मरीजों ने बताया कि प्राइवेट वार्ड और सामान्य वार्ड में खास अंतर नहीं है। इसके बाद भी मनमानी चार्ज लगाया जा रहा है। वर्जन कैंसर यूनिट के वार्ड में भर्ती मरीजों की कीमोथेरेपी के लिए हॉस्पिटल के तीन डॉक्टरों को जिम्मेदारी दी गई है।
हॉस्पिटल की ओर से मरीजों की कीमोथेरिपी
हॉस्पिटल की ओर से मरीजों की कीमोथेरिपी हॉस्पिटल की ओर से मरीजों की कीमोथेरिपी सहित जांच आदि की जा रही है। रेडियोथेरेपी का काम आउटसोर्स एजेंसी आशा केयर सेंटर को दिया गया है।
डॉ. प्रियांक शर्मा, प्रभारी विभागाध्यक्ष कैंसर यूनिट
Published on:
14 Oct 2018 02:28 pm
बड़ी खबरें
View Allरीवा
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
