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मंत्री ने अमित शाह को कहा स्वाइन फ्लू वाले बॉस, जानिए महासचिव की किससे की तुलना

- पंचायत मंत्री ने कहा भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था को बिगाड़ा- पंचायतों के हर दिन खुलेंगे कार्यालय, शिकायत जहां से आई होगी सीधी कार्रवाई
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रीवा

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Mrigendra Singh

Jan 20, 2019

rewa

Congress leader's comments on Amit Shah, rewa, mp minister kamleshwar

रीवा। मध्यप्रदेश सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को स्वाइन फ्लू वाला बॉस बताया है। साथ ही भाजपा के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का मानसिक संतुलन बिगड़ा बताया है। रीवा पहुंचे मंत्री पटेल मीडिया से चर्चा कर रहे थे।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय द्वारा लगातार सरकार गिराने के लिए दिए जा रहे बयान पर मंत्री कमलेश्वर पटेल ने कहा कि उनके पास कितना संख्याबल है, यह तो विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में सबने देख लिया। उनका मानसिक संतुलन ठीक नहीं है, किसी अच्छे डॉक्टर के पास जाकर इलाज कराएं। इसके साथ ही मंत्री ने यह भी कहा कि वह बारबार किस बॉस की हरीझंडी मिलने के इंतजार की बात कर रहे हैं, शायद जिन्हें स्वाइन फ्लू हुआ है।

भाजपा ने बिगाड़ दी पूरी व्यवस्था
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल ने कहा है कि त्रिस्तरीय पंचायतीराज व्यवस्था को भाजपा की सरकार ने बिगाडऩे का काम किया था। पूर्व में गांव-गांव लोकतांत्रिक व्यवस्था कायम करने के लिए इसे लागू किया गया था लेकिन बीते कुछ वर्षों के अंतराल में इसमें सरकार की ओर से कई नए प्रावधान जोड़कर विसंगतियां उत्पन्न की गई हैं। उन्होंने कहा कि इसकी समीक्षा की जा रही है, जल्द ही पहले की तरह ही इन्हें अधिकार देकर और मजबूत किया जाएगा।
रीवा में पत्रकारों से चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा कि कई पंचायतें ऐसी हैं जिनका काम पूरे देश के लिए आदर्श है। ऐसे में सभी को भ्रष्टाचारी भी कहना उचित नहीं है, व्यवस्था सुधरेगी तो सारी कमियां अपने आप समाप्त हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि किसानों की कर्जमाफी सरकार का बड़ा कदम है, आगे और किस तरह से किसानों का लाभ पहुंचाया जाए, इसके लिए गांवों में संवाद स्थापित कर सुझाव लिए जाएंगे। एक सवाल के जवाब में कहा कि ऐसी जानकारी सामने आई है कि कृषि ऋण वितरण के नाम पर पूर्व में गड़बडिय़ां हुई हैं, उन सबका परीक्षण कर दोषियों पर कार्रवाई करेंगे।

पंचायत में भूमि नहीं तो पड़ोस के गांव में बनाएंगे गौशाला
हर पंचायत में गौशाला बनाए जाने के वचन पर कहा कि इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है। कुछ ऐसी भी पंचायतें हैं जहां पर सरकारी भूमि इसके लिए नहीं है, ऐसी स्थिति में पड़ोस के पंचायत में गौशाला बनाएंगे। मंत्री ने कहा कि तीन से चार पंचायतों को मिलाकर भी बड़ी गौशाला बनाने की व्यवस्था है। हम भाजपा सरकार की तरह औपचारिक खानापूर्ति के लिए काम नहीं करेंगे। ठोस व्यवस्था के साथ काम होगा।

पंचायतों में तालाबंदी बर्दाश्त नहीं
ग्राम पंचायतों में ताले बंद होने और सरपंच-सचिवों द्वारा अपने घर से कार्य संचालन किए जाने के सवाल पर कहा कि यह प्रथा अब बंद होगी। अवकाश के दिनों को छोड़कर अन्य सभी दिन पंचायतों का कार्यालय खुलेगा और वहां पर आने वाले लोगों की सुनवाई होगी। जिन स्थान पर ऐसा नहीं करने की जानकारी मिलेगी तो उन पर कड़ी कार्रवाई भी होगी।