
Employment of youth to get government subsidy of 125 crores
रीवा. बैंक और संबंधित विभाग की लापरवाही के चलते विंध्य के युवाओं का स्वरोजगार स्थापित करने का सपना पूरा नहीं हो पा रहा है। मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजनाएं बेमानी हो रही हैं। रीवा और शहडोल संभाग में युवा सरकारी दफ्तरों से लेकर बैंकों का चक्कर लगा रहे हैं। सरकार की सब्सिडी वाली योजनाओं (मुख्यमंत्री स्वरोजगार, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी एवं प्रधानमंत्री रोजगार ? सृजन) के तहत विभिन्न रोजगार के लिए स्वीकृत प्रकरण बैंकों में धूल खा रहे हैं।
करीब 100 करोड़ की योजनाएं स्वीकृत की गई
रीवा संभाग में पंद्रह हजार से ज्यादा युवाओं ने रोजगार के लिए आवेदन दिया है। सरकारी रिकार्ड के अनुसार 7490 प्रकरण स्वीकृत कर बैंकों को भेजे गए हैं। करीब 100 करोड़ की योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। वित्तीय वर्ष 2017-18 बीतने को है, बावजदू पचास फीसदी से ज्यादा युवाओं के रोजगार शुरू नहीं हो सके। बैंकों में फाइलें भेजने के बाद (उद्योग, हाथकरघा, आदिमजाति, पिछड़ा वर्ग एवं कल्याण विभाग सहित ग्रामोउद्योग) के अधिकारी भूले गए हैं।
सरकारी दफ्तरों से लेकर बैंक में भटक रहे युवा
कार्यालय में पहुंचने पर उद्योग विभाग के अधिकारी कहते हैं कि बैंक को सेट करके बताओ तो आगे की बात करें। आवेदन के बाद प्रशिक्षित युवा सरकारी दफ्तरों से लेकर बैंक में भटक रहे हैं। उदाहरण के तौर पर हुजूर तहसील के खैरा गांव निवासी संत कुमार रावत मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत आवेदन दिया है। सेटरिंग के काम के लिए विभागीय अधिकारियों ने ५ लाख रुपए लागत के कारोबारी की फाइल स्वीकृत कर पंजाब बैंक को भेज दी गई है। तीन माह बीतने के बाद भी बैंक से ऋण स्वीकृत नहीं हो सका है। पीडि़त युवा अफसरों को आवेदन देकर शिकायत की है, बावजूद मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत ऋण स्वीकृत नहीं हो पाया है। ये कहानी अकेले संत कुमार रावत की नहीं है। बल्कि रीवा और शहडोल संभाग में दस हजार से ज्यदा युवाओं की है।
युवाओं को रोजगार देने में छूट रहा पसीना
विभिन्न योजनाओं के तहत विभागीय अधिकारियों का आवेदन के पचास फीसदी युवाओं को रोजगार दिलाने में पसीना छूट रहा है। वित्तीय वर्ष के अंतिम माह यानी 31 मार्च तक लक्ष्य पूरा करने के लिए विभागीय अधिकारी और बैंकों के बीच कागजी खानापूर्ति चल रही है। अफसरों का दावा है कि 60 फीसदी से ज्यादा टारगेट पूरा हो गया है। बीस फीसदी लक्ष्य पूरा करना है। इस माह में पूरा हो जाएगा। जेडी के पत्र के बाद भी रीवा और शहडोल संभाग के अधिकारी लक्ष्य पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
रीवा, सतना, सीधी और सिंगरौली फिसड्डी
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के आवेदनों के पचास फीसदी भी पूरा नहीं कर सके हैं। रीवा 80 प्रतिशत का लक्ष्य पूरा कर लिया है। सतना में 123 युवाओ ने आवेदन दिए थे। 122 के प्रकरण स्वीकृत कर बैंक को भेज दिए गए हैं। जिसमें 32 प्रकरण को ऋण स्वीकृत किया गया है। जबकि 17 युवाओं को यानी 24.28 प्रतिशत ही वितरण किया जा सका है। सिंगरौली में मजह दो प्रतिशत युवाओं को रोजगार वितरण किया गया है। सिंगरौली में 86 में से 17 प्रकरण स्वीकृत हैं। जिसमें 9 प्रकरण में ही वितरण किया गया है। इसी तरह सीधी में 33 प्रतिशत युवाओं को रोजगार वितरण किया गया है।
लापरवाह बने शहडोल संभाग के अधिकारी
शहडोल संभाग में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत ओवदन करने वाले 29 प्रतिशत ही युवाओं को रोजगार का दावा किया जा रहा है। शहडोल संभाग में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 616 युवाओं ने आवेदन दिया। जिसमें 60.94 करोड़ के 606 युवाओं के प्रकरण स्वीकृत कर बैंक को भेजे गए हैं। जिसमें शहडोल में 80 आवेदनों में से 18 प्रकरण स्वीकृत किए गए हैं। इसी तरह उमरिया में 40 में से 18 और अनूपपुर में 30 में से 6 युवाओं को ही ऋण स्वीकृत हो सके।
लक्ष्य पूरा करने बैंकर्स के साथ किया मंथन
जिले के बैंकों में लंबित युवाओं के रोजगार की फाइलों को लेकर जिला प्रशासन ने बैंकर्स की संयुक्त बैठक कर प्र्रकरणों के निराकरण पर मंथन किया। रीवा जिले में मुख्यमंत्री सहित प्रधानमंत्री रोजगार योजनाओं के प्रकरण लंबित हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजनाओं के लक्ष्य का शत प्रतिशत दावा किया। बैठक के दौरान बताया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी एवं प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत पचास फीसदी लक्ष्य बकाया है। समीक्षा के दौरान अधिकारियों की ओर से जिला प्रशासन को बताया गया कि उद्योग विभाग अन्तर्गत युवा उद्यमी योजना के तहत 50 प्रकरणों के लक्ष्य के विरुद्ध 48 प्रकरण स्वीकृत हुए जबकि स्वरोजगार योजना में 781 प्रकरण वितरण किया गया। कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वरोजगार व हितग्राही मूलक योजनाओं के विभागीय लक्ष्य की पूर्ति शीघ्र किया जाए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ मयंक अग्रवाल सहित एलडीएम सहित विभिन्न बैंकों के प्रबंधन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
Published on:
17 Mar 2018 12:19 pm
