
Five thousand rupees bribe clerk caught
रीवा/सतना. लोकायुक्त पुलिस रीवा ने सोमवार की दोपहर बिजली कंपनी के कार्यालय में एक बाबू को पांच हजार रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा है। विभाग में लगे वाहनों का लंबित बिल पास करने के एवज में रिश्वत मांगी गई थी। रिश्वत की रकम को जब्त करते हुए लोकायुक्त अधिकारियों ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की है।
वाहनों का बिल पास करने मांगी थी रिश्वत
लोकायुक्त सूत्रों के मुताबिक, सतना के टिकुरिया टोला लखन चौराहा निवासी रामफल गुप्ता पिता रामस्वरूप गुप्ता ने बिजली विभाग सतना में अपना वाहन किराये पर लगा रखा था। इसके किराये की रकम का भुगतान करने के लिए रामफल ने 10 सितंबर को बिल जमा कर दिया गया था। लेकिन बिल पास नहीं किया गया। करीब एक लाख रुपए का बिल पास करने के एवज में बिजली विभाग के सिटी डिवीजन में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 संतोष कुमार सिंह ने सात हजार रुपए रिश्वत मांगी। तंग आने के बाद रामफल गुप्ता ने इसकी जानकारी २ अक्टूबर को लोकायुक्त रीवा के अधिकारियों को दी। शिकायत का परीक्षण करने पर मामला पुष्ट पाया तो लोकायुक्त पुलिस रीवा की टीम डीएसपी देवेश पाठक के नेतृत्व में सुनियोजित तरीके से बिजली कंपनी के सिटी डिवीजन कार्यालय पहुंची।
इस टीम ने दबिश दी
लोकायुक्त टीम में डीएसपी पाठक के साथ निरीक्षक विद्यावारिधि तिवारी, प्रधान आरक्षक विपिन त्रिवेदी, अखिलेश पटेल, आरक्षक मुकेश मिश्रा, शैलेन्द्र मिश्रा, अजय पांडेय, मनोज मिश्रा, प्रेम सिंह, सुजीत एवं धर्मेन्द्र सहित साक्षी अधिकारी के रूप में राजपत्रित अधिकारी डॉ. अरुणेन्द्र शुक्ला व डॉ. अभिजीत पांडेय शामिल रहे।
क्या हुआ धनतेरस का?
रामफल ने बताया कि उसने बिल पास करने के लिए डीई सुभाष राय से भी फरियाद की थी। लेकिन उन्होंने बाबू संतोष से ही मिलने को कह दिया था। लिपिक ने जब सात हजार रुपए मांगे तो किसी तरह बात पांच हजार रुपए में तय हुई। कार्रवाई से पहले 11.58 बजे लिपिक संतोष ने रामफल को फोन पर कहा कि क्या हुआ धनतेरस का लाओ कुछ। तब रामफल विद्युत कंपनी के दफ्तर में ही मौजूद था। कुछ ही पल में वह संतोष के पास पहुंचा और पांच सौ के १० नोट उसे थमा दिए। अपनी कुर्सी छोड़ स्टोर में जाकर संतोष ने नोट गिने और पर्स रखने लगा, तभी लोकायुक्त टीम ने छापा मारते हुए उसे पकड़ लिया।
चहेतों की गाड़ी लगाई
कार्रवाई के बाद यह बात भी सामने आई है कि बाबू संतोष ने अपने कुछ चहेतों की गाडि़यां विभाग में किराए पर लगवाई हैं। चर्चा एेसी भी हैं कि अप्रत्यक्ष रूप से उन गाडि़यों के मालिक खुद संतोष हैं। वह गाडि़यां काम के बाद उनके ही घर में जाकर खड़ी होती हैं।
इनका कहना है
रिश्वत मांगे जाने की शिकायत पर कार्रवाई की गई है। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।
देवेश पाठक, डीएसपी, लोकायुक्त रीवा
Published on:
05 Nov 2018 06:57 pm
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