
Four hours waiting for sonography, women moaning on wheelchairs
रीवा. विंध्य के सबसे बड़े हॉस्पिटल संजय गांधी अस्पताल में सोनोग्राफी कराने के इंतजार में बीमार महिला व्हीलचेयर पर चार घंटे तक तड़पती रही। हैरान करने वाली बात तो यह कि संशाधन के अभाव में सोनोग्राफी कराने वालों की संख्या इतनी ज्यादा है कि इमर्जेंसी सेवा के अलावा सामान्य मरीजों के लिए चार माह तक की वोटिंग चल रही है। यह व्यवस्था लंबे समय से चली आ रही है। बावजूद इसके जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
दो घंटे तक बैठे रहे
संजय गांधी अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में दोपहर ११ बजे व्हीलचेयर पर पचास वर्षीया महावर सिंह सोनोग्राफी कराने के लिए पहुंचीं। परिजन जैसे-तैसे महावर को सोनोग्राफी कक्ष से वार्ड में ले गए। इसी तरह बुजुर्ग राजकुमार एक्सरे कराने के लिए दो घंटे तक बैठे रहे। कर्मचारियों ने उन्हें यह कहकर बैठा रखा था कि अभी डॉक्टर नहीं आए हैं। कुछ देर में एक्सरे हो जाएगा। ये कहानी अकेले महावर की नहीं, बल्कि हर रोज दर्जनभर मरीजों के साथ ऐसा ही हो रहा है।
हर रोज 30-34 सोनोग्राफी
रेडियोलॉजी विभाग के प्रभारी का तर्क है कि हर रोज डॉक्टर एक हजार से अधिक मरीजों को सोनोग्राफी कराने के लिए लिख रहे हैं। इस लिए सोनोग्राफी के लिए अगले चार माह तक सममय दिया गया है। रेडियोलॉजिस्ट का दावा हे कि दोनों सोनोग्राफी मशीनों को मिलाकर हर रोज 35-40 मरीजों का सोनोग्राफी हो रहा है।
रेडियोलॉजी में पीजी कोर्स नहीं
प्रदेश का यह पहला मेडिकल कालेज है जहां पर रेडियोलॉजी में पीजी कोर्स नहीं होने के चलते सोनोग्राफी 24 घंटे नहीं हो रही है। हर रोज 400 से अधिक मरीजों को सोनोग्राफी के लिए डॉक्टर लिख रहे हैं। जिससे एसजीएमच में सोनोग्राफी कराने वालों की संख्या हजारों में पहुंच गई है। रेडियोलॉजिस्ट ने मरीजों को चार माह तक टोकन दे रखा है।
एसजीएमच में बंद पड़ी एक्सरे मशीन
संजय गांधी अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में एक्सरे की पांच मशीनें हैं। एक मशीन बंद पड़ी है। सोनोग्राफी की दो मशीनें हैं। दोनों चल रहीं हैं। रेडियोलॉजी विभाग के प्रभारी ने बताया कि चार एक्सरे और दो सोनोग्राफी की मशीनें चल रहीं हैं। 300 एमएम की एक एक्सरे मशीन बंद है। जल्द चालू हो जाएगी।
तीन रोडियोलॉजिस्ट के भरोसे अस्पताल
संजय गांधी अस्पताल में सोनोग्राफी और एक्सरे की व्यवस्था तीन रेडियोलॉजिस्ट के भरोसे चल रही है। परेशान करने वाली बात यह कि 1300 बेड के इस हॉस्पिटल में महज तीन रेडियोलॉस्टि और करीब 7 रेडियोग्राफर हैं। रेडियालॉजिस्ट के ७ स्वीकृत पद हैं, जबकि रेडियोग्राफर के २० पद स्वीकृत हैं। स्टाफ की कमी के कारण मरीज एक्सरे और सोनोग्राफी के लिए पसीना बहा रहे हैं।
वर्जन...
हां ये सही बात है कि सोनोग्राफी के लिए मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है। हर रोज डॉक्टर एक हजार मरीजों को सोनोग्राफी लिख रहे हैं। दो मशीनों में हर रोज ३५-४० मरीजों का ही सोनोग्राफी हो पाती है। सोनोग्राफी के लिए चार माह तक का समय दिया गया है।
राहुल मिश्र, प्रभारी, रेडियोलॉजी विभाग
Published on:
29 Jun 2019 12:34 pm
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