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चौदह हजार दिव्यांगों को नहीं मिला यूडीआइडी

जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते कछुआ चाल से भी धीमी प्रगति
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रीवा

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Rajesh Patel

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Updated: 6 Aug 2018, 1:04 PM IST

Fourteen thousand Divas did not get the UID

Fourteen thousand Divas did not get the UID

रीवा. आला अफसरों की अनदेखी के चलते जिले में दिव्यांगों को केंद्र सरकार का विशेष दिव्यांग पहचान पत्र (यूडीआइडी) एक साल बाद भी नहीं मिल सका है। 14 हजार से अधिक दिव्यांग अभी कार्ड से वंचित हैं, वहीं छह हजार दिव्यांगों के दस्तावेजों का वेरीफिकेशन नहीं किया जा सका है, जिससे विभिन्न योजनाओं की सुविधाएं मिलने में दिक्कत हो रही है।

सहूलियत मिले इस लिए बनाया जा रहा कार्ड
केद्र सरकार दिव्यांगों की सहूलियत के लिए यूनिक डिसएबिलिटी कार्ड बना रही है। जिससे दिव्यांगों को देश के किसी भी राज्य में मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं के लिए दिक्कत न हो। एक साल से जिले में विशेष पहचान पत्र बनाने का काम चल रहा है। करीब १८ हजार दिव्यांगों के दस्तावेज स्कैन किए गए हैं लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते अभी तक मात्र तीन हजार दिव्यांगों के यूडीआइडी तैयार किए गए हैं जबकि २२७३ दिव्यांगों को ही कार्ड जारी किए गए हैं। बताया गया कि धीमी प्रगति को लेकर सामाजिक न्याय विभाग की जेडी सुचिता तिर्की बेक ने जिला स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र भी लिखा है। इसके बावजूद दिव्यांगों के यूडीआइडी की बनाने की प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है।

साढ़े पांच हजार दिव्यांगों के दस्तावेज निरस्त
सामाजिक न्याय विभाग की ओर से करीब १८ हजार दिव्यांगों के दस्तावेज ऑनलाइन किए गए हैं। सत्यापन के दौरान साढ़े पांच हजार दिव्यांगों के दस्तावे अपठित सहित अन्य कारणों से निरस्त कर दिए गए हैं। दोबारा सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है।
477 यूडीआइडी कार्ड प्रिंट के लिए भेजा
जिले में सत्यापन के बाद २२०० से अधिक यूडीआइडी कार्ड जनरेट कर दिए गए हैं। रिकार्ड के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने प्रिंट के लिए भेजा है। 477 कार्ड के प्रिंट अभी तक फाइनल नहीं हो सके हैं।

छह हजार दिव्यांगों का सत्यापन नहीं कर सके
छह हजार से अधिक दिव्यांगों का सत्यापन नहीं होने से यूडीआइडी की प्रक्रिया लटकी हुई। अभी तक तीन हजार दिव्यांगों के वेरीफिकेशन की प्रक्रिया पूरी हो गई है। सत्यापन के बाद यूडीआइडी कार्ड जनरेट करने के लिए भेज दिए गए हैं।