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सरकारी दफ्तरों के नहीं खुले ताले, कार्यालय खोलने कलेक्टर सहित परेशान हुए कई अफसर

मध्य प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल तूल पकडऩे लगी, 5वें दिन चतुर्थश्रेणी के कर्मचारी भी हुए लामबंद, गार्डों से गिड़गिड़ाती रहीं महिलाएं
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रीवा

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Rajesh Patel

•

Updated: 28 Jul 2018, 1:04 PM IST

Governments: Not open doors of government offices, collector disturbs

Governments: Not open doors of government offices, collector disturbs

रीवा. मध्य प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल तूल पकडऩे लगी है। ५वें दिन चतुर्थश्रेणी कर्मचारी भी बाबुओं के समर्थन में आ गए। इससे ज्यादातर सरकारी दफ्तरों के ताले नहीं खुले। कार्यालय खोलने के लिए कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों को परेशान होना पड़ा। कार्यालय में ताले लटकने के कारण डिप्टी कलेक्टर को भी अधीक्षक कक्ष में कुछ देर बैठना पड़ा। उधर, सीधी जिले से कलेक्ट्रेट पहुंचे भाजपा विधायक को बैरंग लौटना पड़ा।

चतुर्थश्रेणी के कर्मचारी भी समर्थन में आए
शासकीय कर्मचारी संघ के आह्वान पर लिपिक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इससे सरकारी कार्यालयों में काम-काज ठप रहा। चतुर्थश्रेणी कर्मचारी भी शुक्रवार को बाबुओं के समर्थन में हड़ताल पर चले गए, जिससे सरकारी कार्यालयों में पूरे दिन ताले लटकते रहे। कुछ कार्यालय के ताले अधिकारियों ने स्वयं खोले। कई जगहों पर तो दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने मोर्चा संभाला।


कलेक्टर की मिन्नत के बाद पहुंचे दो चपरासी
कर्मचारियों ने बताया कि कलेक्टर प्रीति मैथिल सुबह कार्यालय पहुंचीं। चपरासियों के नहीं होने से उनको परेशान होना पड़ा। बाद में दो चपरासी कार्यालय पहुंचे। अधीक्षक कार्यालय में कोई डाक रिसीव करने वाला नहीं था। डिप्टी कलेक्टर भी अधीक्षक कार्यालय में बैठे रहे। कलेक्ट्रेट और कमिश्नरी कार्यालय सहित ज्यादातर कार्यालय के बाबू और चपरासी कमिश्नरी कार्यालय के सामने धरने पर बैठे रहे। राजस्व कोर्ट में दो हजार से ज्यादा पक्षकारों की जनरल पेशी बढ़ा दी गई है।

सरकारी कार्यालयों में परेशान रहे फरियादी
कलेक्ट्रेट में दर्जनों फरियादी कलेक्टर से मिलने पहुंचे। कलेक्टर प्रीति मैथिल ने फरियादियों की समस्याएं सुनी, जबकि हुजूर तहसील में एसडीएम और तहसीलदार कार्यालय में अधिकारी दरबार में व्यस्त रहे। कार्यालय के बाहर फरियादी परेशान रहे। महिलाएं आवेदन लेकर कार्यालय के बाहर गार्डों के पास गिड़गिड़ाती रहीं। कलेक्ट्रेट कार्यालय सहित जिले के विभिन्न सरकारी कार्यालय के कर्मचारी हड़ताल में शामिल हो गए हैं।

कमिश्नरी कार्यालय के सामने गरजे बाबू

कमिश्नरी कार्यालय के सामने लंबित मांगों को अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे बाबूओं का धरना ५वें दिन जारी रहा। अध्यक्ष बीके शुक्ला ने ऐलान किया कि मांगे पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। हड़ताल में चतुर्थश्रेणी के कर्मचारी भी शामिल हो गए हैं। वक्ताओं ने तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्गविजय सिंह का उदाहरण देते हुए सीएम शिवराज सिंह को भी उखाड़े फेंकने का ऐलान किया। प्रदर्शन के दौरान लघु वेतन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजकुमार चौबे, राकेश शुक्ला, कोशलेंद्रमणि त्रिपाठी, आबाद खान, वंशमणि पांडेय, सुनील शर्मा, हीरामणि, सीतला प्रसाद पटेल, विजय शर्मा सहित सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।

कलेक्ट्रेट से बैरंग लौटे भाजपा विधायक
शुक्रवार दोपहर कलेक्ट्रेट कार्यालय में अधीक्षक कक्ष में धौहनी विधानसभा के विधायक कुंवर ङ्क्षसह टेकाम पहुंचे। विधायक ने अनुकंपा नियुक्त की जानकारी चाही तो कर्मचारियों ने हड़ताल होने का हवाला दे दिया। कुछ देर तक विधायक पे-कमीशन के साथ सरकार की वकालत करते रहे, कुछ देर बाद विधायक जी की दाल नहीं गली तो उन्हें भी बैरंग लौटना पड़ा।