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सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण बदल देगा इन राशि वालों की किस्मत

27 जुलाई की ऐतिहासिक घटना को लेकर शहर में चर्चाओं का दौर शुरू, ज्योतिषी कर रहे सावधान
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रीवा. आगामी 27 और 28 की मध्य रात्रि को खगोल विज्ञान की ऐतिहासिक घटना घटने जा रही है। इस तिथि को 2018 को दूसरा चंद्र ग्रहण पड़ेगा। यह सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण होगा। इसे पूरे देश में देखा जा सकता है। बताया जा रहा कि 104 साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है।

चंद्र ग्रहण को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। यह पूर्ण ग्रहण होगा। इसलिए अधिकतम ग्रहण के दौरान चंद्रमा पृथ्वी की उपच्छाया से पूर्ण रूप से छिप जाएगा। ग्रहण के समय सूर्य के प्रकाश द्वारा चंद्रमा लाल रंग में प्रक्षेपित होगा। यह ग्रहण 21वीं शताब्दी का अभी तक सबसे लंबा पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। इसके पहले इस साल पहला चंद्र ग्रहण 31 जनवरी को पड़ा था जिसकी खग्रास अवधि 1 घंटा और 16 मिनट की थी।

ज्योतिषी राजेश साहनी के अनुसार, चंद्र ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 55 मिनट की मानी गई है जबकि पूर्ण ग्रहण की अवधि 1 घंटा 42 मिनट 56 सेकं ड होगी। उन्होंने बताया कि ग्रहण प्रारंभ होने से लेकर ग्रहण समाप्ति तक के समय को ग्रहण का पर्व काल कहते हैं।

विंध्य सहित समूचे देश में 27 जुलाई को रात्रि 11.54 पर चंद्र ग्रहण का प्रारंभ होगा। उसके पूर्व रात्रि 10.45 बजे से चंद्रमा मलिन होना प्रारंभ हो जाएगा। पूर्ण चंद्रग्रहण के खग्रास का प्रारंभ 28 जुलाई को रात्रि 1 बजे होगा। खग्रास ग्रहण की समाप्ति रात्रि 2.43 पर होगी। भोर 3.49 मिनट पर सदी का सबसे लंबा ग्रहण समाप्त हो जाएगा। इस चंद्र ग्रहण की कुह्यह्यल अवधि 3 घंटे 55 मिनट की मानी गई है। ग्रहण का सूतक गुरु पूर्णिमा के दिन 27 जुलाई को दोपहर 2.54 मिनट से प्रारंभ होगा।

रखना होगा इन बातों का ध्यान
ग्रहण के सूतक और ग्रहण काल में स्नान दान जप पाठ मंत्र सिद्धि तीर्थ स्थान एवं हवन आदि करना शास्त्रों के अनुसार शुभ माना गया है। सूतक एवं ग्रहण काल में मूर्ति स्पर्श करना, खाना पीना, निद्रा आदि वर्जित कहे गए हैं।

वैज्ञानिकों ने दिया नया नाम ‘ब्लडमून’
इस खगोलीय घटना में चंद्रमा का रंग लाल रंग होगा। जिसे वैज्ञानिकों ने ब्लड मून माना है। इस खगोलीय घटना का नजारा बेहद दिलचस्प होगा। ब्लड मून का नजारा लगभग पूरी रात दर्शनीय होगा। पूर्ण ग्रहण के दौरान चंद्रमा के रिंग्स का रंग बदल कर गहरा लाल हो जाता है। चंद्र ग्रहण गुरु पूर्णिमा के दिन पडऩे से ज्योतिष की मान्यताओं के अनुसार इसका धार्मिक महत्व भी अधिक हो गया है।

नौकरी व व्यवसाय में सफलता
ज्योतिषी के अनुसार सदी का सबसे लंबर चंद्रग्रहण उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के अंतिम चरण में स्पर्श करते हुए श्रवण नक्षत्र में समाप्त होगा। चंद्र ग्रहण अश्लेषा नक्षत्र तथा कर्क राशि में हो रहा है। चंद्रग्रहण इन दो राशियों के जातक पर ज्यादा मेहरबान रहेगा। यह कई तरह से मेष और वृषभ राशि के जातकों को फायदा पहुंचाएगा। इन दो राशि के जातकों को नौकरी व व्यवसाय में सफलता के साथ ही आजीविका से जुड़े क्षेत्र में लाभ की प्राप्ति होगी। अचानक धन लाभ होने की संभावना भी है। यह ग्रहण मिथुन, तुला, वृश्चिक और मीन राशि वालों के लिए शुभकारी रहेगा।

मकर राशि वाले बरतेंगे सावधानी
इसके अलावा कुछ राशि के लोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं एवं पारिवारिक कलह से परेशान हो सकते हैं। यह ग्रहण मकर राशि वाले को ज्यादा परेशान करेगा। इसलिए खग्रास चंद्रग्रहण की अवधि में उत्तराषाढ़ा श्रवण नक्षत्र वाले और मकर राशि के लोग विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि मकर राशि वालों को धन की हानि हो सकती है। वह मानसिक अवसाद का भी शिकार हो सकते हैं। ज्योतिषियों के अनुसार, कर्क राशि वाले वाहन सावधानी से चलाएं और तनाव से मुक्त रहें। मकर राशि के अलावा सिंह एवं धनु राशि वालों को भी सावधानी रखनी होगी। सिंह राशि वाले व्यर्थ की बातों का तनाव न लें, क्योंकि बेवजह की बातों से मानसिक चिंता बढ़ सकती है।