18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सीधी बस हादसे से भी सबक नहीं : जारी है बसों में ओवर लोडिंग, हादसे के तीसरे दिन भी जिम्मेदार नहीं ले रहे सुध

जांच में कई बसों के पहियों सैंफ्टी लॉक ही नहीं, आपातकालीन खिड़की पर भी सीट लगाकर ले जाते हैं यात्री।

2 min read
Google source verification
news

सीधी बस हादसे से भी सबक नहीं : जारी है बसों में ओवर लोडिंग, हादसे के तीसरे दिन भी जिम्मेदार नहीं ले रहे सुध

रीवा/ सीधी बस हादसे में 51 लोगों के जान जाने के बाद जहां एक तरफ मध्य प्रदेश ही नहीं, देशभर के लोग स्तब्ध हैं। वहीं, हादसे के तीसरे दिन भी न तो बस संचालक हादसे से सबक लेकर अपनी मनमानी पर लगाम लगा रहे हैं और न ही जिम्मेदार इनपर लगाम कसने के लिये कोई गंभीरता दिखा रहे हैं। मध्य प्रदेेश के रीवा में भी बस संचालकों की लापरवाही और जिम्मेदारों की उदासीनता का नजारा देखने को मिला।

पढ़ें ये खास खबर- पत्नी और ससुराल पक्ष की प्रताड़ना से परेशान था न्यायालयीन कर्मचारी! फांसी लगाकर की आत्महत्या

देखें खबर से संबंधित वीडियो...

'बसों के टायर में गोटिया तक नहीं हैं'

शहर में संचालित बसों में अनदेखी इस कदर है कि, बसों के टायर में गोटिया तक नहीं है। यही नहीं ज्यादा से ज्यादा सवारियां बैठाने के लिये आपातकालीन खिड़की के सामने सीट लगाकर भी यात्रियों को बैठाया जा रहा है। ओवरलोड सवारियों को बैठाकर बस संचालन करने का सिलसिला भी जौं का त्यों ही जारी है। आलम ये हैं कि, हादसे के तीसरे दिन भी रीवा में बसों का निरीक्षण तक नहीं किया गया। मनमानी इस कदर है कि, रीवा-सीधी, रीवा-चाकघाट और रीवा-सतना समेत आसपास के जिलों को जाने वाली बसें ओवरलोड सवारियां हो रही है।

पढ़ें ये खास खबर- भूमाफियाओं पर अबतक की सबसे बड़ी कार्रवाई, 3250 करोड़ की जमीन मुक्त कराई, 1500 हितग्राहियों को मिलेगा लाभ


बस संचालकों की मनमानी पर किसी की नजर नहीं

हादसे के बाद नई गाइडलाइन बनाई गई, उसका भी पालन नहीं किया जा रहा है। नए और पुराने बस स्टैंड पर यात्रियों को बैठाने के लिए बस परिचालक सवारियों के साथ ज्यादती भी करते हैं। नंबर के चक्कर में सवारियों को पकड़कर एक दूसरी बसों पर बैठाने की कोशिश भी की जाती है। कई बार यात्री परेशान हो जाते, जिसके चलते यात्रियों और बस ड्रायवर-क्लीनर के बीच नोकझोंक तक हो जाती है।