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रीवा. आदिम जाति कल्याण विभाग (आजाक) एससी-एसटी के हॉस्टलों में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। हॉस्टलों में छात्रों को मिलने वाली सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। इतना ही नहीं कई हॉस्टलों के अधीक्षक आए दिन गायब रहते हैं। कलेक्टर कार्यालय पहुंचे पोस्ट मैट्रिक हॉस्टल झिरिया के छात्रों ने जिला संयोजक (डीओ) राजेन्द्र कुमार जाटव को आवेदन देकर कहा हॉस्टल में अव्यवस्था के कारण कड़ाके की ठंड में छात्रों की संख्या आधी हो गई।
अव्यवस्था के कारण खाली हो गए हॉस्टल
कलेक्टर कार्यालय के निकट पंडित मोतीलाल अनुसूचित जनजाति हॉस्टल झिरिया के छात्र कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। छात्रों ने जिला सयोजक राजेन्द्र कुमार जाटव को हॉस्टल की समस्याओं की जानकारी दी और कहा कि अधीक्षक हॉस्टल में नहीं आते हैं। छात्रों को सुबह-शाम नास्ता नहीं दिया जा रहा है। भोजन के नाम पर आलू-टमाटर की पानीदार सब्जी परोसी जा रही है। काफी पुराना चावल पकाया जा रहा है, जबकि शासन से प्रति छात्र 1100 रुपए हर माह दिया जा रहा है।
कड़ाके की ठंड में पर्याप्त मात्रा में नहीं है विस्तर
कड़ाके की ठंड में पर्याप्त विस्तर नहीं होने के कारण आधे से अधिक छात्र घर चले गए। पचास छात्रों में से सिर्फ २६ छात्र बचे हैं। हॉस्टल के शौचालय से दुर्गंध आती है। हॉस्टल में पीने की पानी के साथ ही बिजली आदि की समस्याएं हैं। इस दौरान जिला संयोजक राजेन्द्र जाटव ने छात्रों को समस्या हल कराने का आश्वासन दिया और कहा कि हॉस्टल का निरीक्षण करके समस्या हल कराउंगा।
गुणवत्ता पूर्ण भोजन के लिए संयोजक ने दिलाया दिलासा
जिला संयोजक ने भोजन की गुणवत्ता को लेकर कहा अगर भोजन ठीक नहीं पकाया जा रहा है तो आप लोग कोई दूसरा खानसामा बताओ। प्रति छात्र भोजन पर 980 रुपए और शेष अन्य सुविधाओं पर खर्च होता है। उसी के आधार पर व्यवस्था की जाती है। इस पर छात्रों ने कहा व्यवस्था आप को बनाना है। अगर व्यवस्था नहीं बना सकते हैं तो छात्रों के खाते में पैसे भेजिए।
सामग्री खरीदी पर लगी रोक
हॉस्टल में डायनिंग टेबल, आरओ, टीवी सहित अन्य सुविधाओं पर जिला संयोजक ने बताया कि सामग्री खरीदी पर रोक लग गई है। मार्च के बाद अप्रैल में ही संभव है। अभी जो भी सुविधाएं दी जा रही हैं उसी को ठीक से व्यवस्थित कराई जाएंगी।
ज्यादातर हॉस्टलों में आधी हो गई छात्रों की संख्या
जिले में आजाक के 90 से अधिक हॉस्टल संचालित हो रहे हैं। ज्यादातर हॉस्टल ५० शीटर हैं। छात्रों द्वारा सूचना के बावजूद अधिकारी हॉस्टलों का निरीक्षण नहीं कर रहे हैं। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के हॉस्टलों में छात्र ठिठुर रहे हैं। बताया गया कि ढेकहा, अमहिया सहित मऊगंज, नईगढ़ी, जवा, त्योंथर, रायपुर कर्चुलियान, मनिकवार में आए दिन अधीक्षक गायब रहते हैं।
Published on:
09 Jan 2018 06:24 pm
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