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शिक्षकों ने आइएएस अफसरों के खिलाफ निकाली भड़ास, उन्हें बताया सारी समस्याओं का जड़

मांग लंबित होने से आक्रोश...
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रीवा

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Ajit Shukla

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Updated: 18 Jul 2018, 9:57 PM IST

Teachers frustrated on IAS officer for demand, protection collectorate

Teachers frustrated on IAS officer for demand, protection collectorate

रीवा। शिक्षकों ने उनकी मांगों के लंबित होने का ठीकरा शासन स्तर के प्रशासनिक अधिकारियों के सिर फोड़ा है। बुधवार को कलेक्ट्रेट के समक्ष धरने पर बैठे शिक्षकों ने कहा कि मांगों का लंबित रहना अधिकारियों के अनावश्यक हस्तक्षेप का नतीजा है। खुद मुख्यमंत्री की ओर से आश्वासन मिलने के बावजूद मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है।

प्रांतीय संगठन मंत्री भी धरना में रहे मौजूद
मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के आह्वान पर कलेक्ट्रेट के समक्ष आयोजित धरना प्रदर्शन में जिलेभर से शिक्षक एकत्र हुए। महाकौशल प्रांत के प्रांतीय संगठन मंत्री लक्ष्मी नारायण अग्रवाल की उपस्थिति और जिलाध्यक्ष डॉ. कौशलेंद्रमणि त्रिपाठी के नेतृत्व में आयोजित धरना प्रदर्शन में शिक्षकों ने कहा कि जल्द ही उनकी मांग पूरी नहीं की जाती हैं तो वह उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

जिलाध्यक्ष ने एकजुट होने का दिया संदेश
जिलाध्यक्ष ने शिक्षकों और अध्यापकों से की किया कि वह सब एकजुट होकर रहें। क्योंकि संगठन में ही शक्ति है। वह समस्त शिक्षक समुदाय एकजुट रहेगा, तो उन्हें नजरअंदाज करना मुमकिन नहीं होगा। धरना प्रदर्शन के बाद शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा।

धरना प्रदर्शन यह पदाधिकारी रहे शामिल
इस दौरान संघ के पूर्व प्रांताध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह, रमेश कुमार, अरूण द्विवेदी, जितेंद्र चतुर्वेदी, विजय चतुर्वेदी, छोटे लाल शर्मा, शंकर दयाल पटेल, देवेंद्र मिश्रा, विशाल शुक्ला, योगेंद्र पाण्डेय, वीरेंद्र द्विवेदी, तरूण पाण्डेय, श्याम सुंदर सिंह, सुदीप पाण्डेय, रेखा श्रीवास्तव, करुणा तिवारी सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।

शिक्षकों की प्रमुख मांग
- सहायक शिक्षक, शिक्षक, प्रधानाध्यापक, व्याख्याता को क्रमोन्नति वेतनमान के अनुरूप पदनाम देने का आदेश तत्काल जारी किया जाए।
- अध्यापक संवर्ग का शिक्षा विभाग में संविलियन का आदेश पृथक कैडर का है। उसे निरस्त कर मूल शिक्षा विभाग में समान पदों पर संविलियन किया जाए।
- केवल शिक्षा विभाग के लिए जारी की गई इ-अटेंडेंस की अनिवार्यता को समाप्त किए जाने का आदेश जारी किया जाए।