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Modern होगा यह प्लांट, रोजाना एक लाख लीटर दूध की होगी प्रोसेसिंग

नेशनल डेयरी डवलपमेंट बोर्ड की टीम कर चुकी है सर्वे

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dairy plant in sagar

dairy plant in sagar

सागर. सिरोंजा में संचालित डेयरी प्लांट को अपग्रेड करने की कवायद चल रही है। यहां हर दिन एक लाख लीटर दूध की प्रोसेसिंग करने वाला मॉडर्न प्लांट लगाने का प्लान है। 19 व 20 दिसंबर को इसे लेकर नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) आणंद गुजरात की टीम सर्वे कर चुकी है। अब टीम ने सर्वे रिपोर्ट भी दे दी है। टीम ने सिरोंजा के वर्तमान डेयरी प्लांट को ही अपग्रेड करने की अनुशंसा की है। प्लांट का शनिवार को ही कमिश्नर आशुतोष अवस्थी ने निरीक्षण किया था। उन्होंने महाप्रबंधक को अगले एक माह में सांची मिल्क की ब्रांडिंग बढ़ाने और प्लांट से रोजाना 20 हजार लीटर से अधिक अतिरिक्त दूध की खपत बढ़ाने के निर्देश दिए थे।

60947 लीटर दूध रोजाना होता है संकलित
30402 ली. दूध रोज सांची ब्रांड से बेच रहे
50 हजार ली. दूध पैकेट में बेचेंगे

महाप्रबंधक केएस मिश्रा ने बताया कि यहां 1 लाख लीटर दूध की प्रतिदिन प्रोसेसिंग करने वाला प्लांट लग जाने के बाद डेयरी का 50 हजार लीटर से अधिक दूध रोजाना सांची ब्रान्ड के नाम से बेचा जाएगा। इसके बाद बचे शेष दूध से घी, श्रीखण्ड, पनीर , छाछ, दही, मठ्ठा, बटर, छैना खीर, रबडी, मावा आदि तैयार किया जाएगा। फिलहाल डेयरी प्लांट के अधीन 21 एकड़ रकबा जमीन है। मॉडर्न प्लांट 3 से 4 एकड़ रकबे में बन जाएगा।

यहां बता दें कि पिछले दिनों संभागायुक्त आशुतोष अवस्थी ने प्लांट का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। जो इस प्रकार हैं।
रोज 5 दुग्ध समिति के सदस्यों, किसानों व पशुपालकों, सुदाना संयन्त्र का एक्सपोजर विजिट कराने के निर्देश दिए, ताकि मवेशियों का चारा खरीदने के प्रति रुचि बढ़े।
संयन्त्र परिसर में यहां-वहां पड़ी सांची की गुमटियों को डीलर्स को देने के निर्देश।
प्लांट मैनेजर को उत्पादन की मार्केटिंग बढ़ाने और किसान उनका उत्पादन क्यों खरीदें, इस बारे में जानकारी के लिए विज्ञापन, फ्लैक्स तैयार कर गांव-गांव, में लगवाए जाने के निर्देश।

अभी यह चल रहा है
30402 लीटर दूध सांची ब्रांड में पैक कर बेच रहे वर्तमान में
60947 लीटर दूध संकलित होता है संयंत्र में रोजाना
08 से 10 घंटे तक मिल्क प्रोसेसिंग व अन्य प्रक्रियाएं होती हैं पूरी
बचे दूध से पावडर व बटर बनाया जा रहा संयंत्र में
शेष दूध की भोपाल व ग्वालियर में की जा रही आपूर्ति