4 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बच्चों के विवाद के बाद पिता के साथ की मारपीट, इलाज के दौरान मौत

बहेरिया थाना के कर्रापुर चौकी क्षेत्र में पुरानी रंजिश और बच्चों के बीच हुए विवाद में घायल की गुरुवार को इलाज के दाैरान मौत हो गई। इसको लेकर शुक्रवार को स्वर्णकार समाज ने आरोपियों पर कार्रवाई करने की मांग लेकर एसपी कार्यालय में ज्ञापन सौंपा।

2 min read
Google source verification

सागर

image

Rizwan ansari

Jan 03, 2026

बहेरिया थाना के कर्रापुर चौकी क्षेत्र में पुरानी रंजिश और बच्चों के बीच हुए विवाद में घायल की गुरुवार को इलाज के दाैरान मौत हो गई। इसको लेकर शुक्रवार को स्वर्णकार समाज ने आरोपियों पर कार्रवाई करने की मांग लेकर एसपी कार्यालय में ज्ञापन सौंपा।
पुरानी रंजिश को लेकर 22 दिसंबर को कर्रापुर में सोने-चांदी का कार्य करने वाले जितेंद्र सोनी पर उसके पड़ोसी आकाश राय ने अपने चार-पांच साथियों के साथ मारपीट की। घटना में जितेंद्र के सिर में गंभीर चोटें आई, विवाद होने पर शोर सुनकर जितेंद्र की पत्नी ज्योति सोनी घर से बाहर आई तो आरोपी मौके से फरार हो गए। जिसके बाद घायल को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। गंभीर हालात में उन्हें भोपाल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान 11 दिन बाद गुरुवार को मौत हो गई।
मृतक की पत्नी और सोनी समाज के लोगों ने एसपी ऑफिस पहुंचकर ज्ञापन देकर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की। समाज ने आरोप लगाया कि पुलिस की अनदेखी और समय पर कार्रवाई न होने से साधारण मारपीट का मामला हत्या में बदल गया। मृतका की पत्नी ने बताया कि घटना से दस दिन पहले 12 दिसंबर को उनके नाबालिग बच्चों हर्ष सोनी 12 वर्ष और आदर्श सोनी 17 वर्ष का आरोपी के किराएदार मूलचंद विश्वकर्मा से बैडमिंटन शटल घर में जाने की बात को लेकर कहासुनी हुई थी। जिसमें मूलचंद ने उनके छोटे बेटे पर हमला किया जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आई थी। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसकी शिकायत कर्रापुर चौकी में की थी। इस विवाद पर पुलिस ने दोनों पक्षों पर काउंटर केस दर्ज किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। जब बच्चा अस्पताल से घर लौटा तो उसके अगले दिन आकाश राय ने जितेंद्र के साथ मारपीट कर दी। मृतक की पत्नी और समाज के लोगों का आरोप है कि अगर पुलिस उसी दिन कार्रवाई करती तो बच्चों के साथ हुई मारपीट के बाद आरोपियों के हौसले इतने बुंलद नहीं होते और फिर से विवाद नहीं करते। पीडित पक्ष का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने सिर्फ आकाश राय पर मामला दर्ज किया है, जबकि उसके साथ 4-5 लोग और थे। समाज ने सभी आरोपियों के नाम पता कर मामले में जोड़ने, मुख्य आरोपी आकाश राय को जल्द गिरफ्तार कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।