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सोने-चांदी के भाव ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, फिर बढ़ेंगे रेट !

Gold Rate: सितंबर की शुरुआत से ही दामों में उछाल देखने को मिल रहा है। बीते दिन सोने का भाव 1 लाख 8500 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 1,26000 रुपए प्रति किग्रा हो गई।

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सागर

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Astha Awasthi

Sep 09, 2025

फोटो सोर्स: पत्रिका

फोटो सोर्स: पत्रिका

Gold Rate: सोने और चांदी पर महंगाई अब भी छाई हुई है। फेस्टिवल सीजन में सोने-चांदी की कीमतों में और उछाल के आसार हैं। ऐसे में ग्राहक सराफा बाजार की ओर रुख कम ही कर रहे हैं, लिहाजा बाजार में रौनक नजर नहीं आ रही है। कारोबारियों में मायूसी है। उनकी मानें तो बाजार 30 प्रतिशत तक टूटा है।

इसकी वजह से आभूषण बनाने वाले शहर के 5 हजार से अधिक कारीगरों के हाथ खाली हो गए हैं। सराफा व्यापारी महंगाई की वजह ट्रंप टैरिफ और उसकी वजह से शेयर बाजार में आ रही गिरावट को मान रहे हैं।

सोने-चांदी के रेट में उछाल

पिछले एक सप्ताह से लगातार बाजार में सोने के दाम बढ़े हैं। कारोबारियों की माने तो सोना-चांदी के भाव ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। एक साल के अंदर सोने के भाव में 2० प्रतिशत तो चांदी के भाव में 25 प्रतिशत उछाल आया है। नवंबर 2024 में सोना प्रति 10 ग्राम 78000 रुपए था और चांदी 90,000 रुपए प्रति किलोग्राम थी, जबकि एक अगस्त 2025 को सोना लगभग एक लाख रुपए प्रति 10 ग्राम था और चांदी 1,12,000 रुपए प्रति किलोग्राम थी।

सितंबर की शुरुआत से ही दामों में उछाल देखने को मिल रहा है। सोमवार को सोने का भाव 1 लाख 8500 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी १,26000 रुपए प्रति किग्रा हो गई।

कम वजन की ज्वेलरी का जोर, निवेशक पीछे हटे

सोने के दाम अधिकतम सीमा पर पहुंचने की वजह से सोने-चांदी में निवेश करने वाले फिलहाल पीछे हट गए हैं। अभी सिर्फ शादी या बहुत जरूरत के लिए ही जेवर की खरीदारी हो रही है। इसके लिए कम वजन के आभूषणों की डिमांड ही बची है। बाजार में 14 और 18 कैरेट सोने के जेवर की खरीदारी जोर पकड़ रही है। लाइटवेट ज्वेलरी मशीन से ही बनाई जा रही है। ऐसे में स्थानीय कारीगरों के सामने रोजगार का संकट पैदा हो गया है।

सराफा व्यापारी अंकुर जैन बताते हैं, एक माह से सराफा कारोबार पूरी तरह पटरी से उतर गया है। सर्राफा बाजार में ग्राहक नजर नहीं आ रहे हैं। अब जिन ग्राहकों को ज्यादा आवश्यकता है, वही सोना-चांदी खरीदने के लिए आ रहे हैं। बढ़ते सोने के दामों की वजह से बाजार में कारीगरों को भी काम नहीं मिल रहा है। काम नहीं मिलने से परिवार के खर्च चलाने में मुसीबत लग रही है।

टैरिफ वार और शेयर बाजार में गिरावट से सोना-चांदी पर रिकॉर्ड महंगाई हुई है। एक साल में भाव 20 से 25त्न तक बढ़ गए हैं। जिससे बाजार से खरीदार भी नहीं पहुंच रहे हैं। जब तक टैरिफ वॉर पर नियंत्रण और शेयर बाजार में उछाल नहीं आएगा, तब तक महंगाई बढ़ती जाएगी।- विक्रम सोनी, सराफा एसोसिएशन अध्यक्ष