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हिन्दुओं को एकत्रित होकर पंरपरा और संस्कृति के अनुसार त्योहार मनाना चाहिए-महामंडलेश्वर

आगासौद रोड पर जलाया गया रावण, दो बार लगानी पड़ी आग, तब जला सका पुतला
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Hindus should come together and celebrate festivals according to tradition and culture - Mahamandaleshwar

पुतला दहन देखने पहुंचे लोग

बीना. आगासौद रोड पर विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल सहित हिन्दू समाज ने 25 फीट ऊंचा रावण का पुतला जलाया। बच्चों को राम, लक्ष्मण और हनुमान बनाया गया था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर राधामोहनदास महाराज थे।
कार्यक्रम की शुरुआत में मंच पर भगवान की पूजन धर्माधिकारी दशरथलाल पुरोहित ने कराई। इसके बाद महामंडलेश्वर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि रावण का पुतला बुराई का प्रतीक है और इस दिन बुराई को खत्म कर सत्य की विजय होती है। सभी हिन्दुओं को सत्य का अनुसरण करना चाहिए। हिन्दू समाज को सभी त्योहार एकत्रित होकर परंपरागत तरीके से संस्कृति के अनुसार धूमधाम से मनाना चाहिए। साथ ही ईश्वर और संस्कृति के प्रति निष्ठावान बनें। वर्तमान समय हिन्दुओं के जागने का है और जागरूक होना जरूरी है। राम बने मन यादव, लक्ष्मण पूजा चतुर्वेदी और हनुमान अभिनव चतुर्वेदी को आयोजक रावण के पुतले के पास लेकर पहुंचे। भगवान राम ने प्रतिकात्मक धनुष से बाण छोड़ा और रावण का पुतला जलने लगा, लेकिन पुतले में नमी होने के कारण वह बुझ गया था, जिससे फिर से आग लगानी पड़ी और फिर आतिशबाजी के साथ कुछ ही देर में पुतला जलकर राख हो गया। पुतला दहन देखने के लिए हजारों लोग पहुंचे थे और जय श्रीराम के जयकारे भी लगाए। विहिप जिलाध्यक्ष सुनील सिरोठिया ने सहयोग के लिए पूरी हिन्दू समाज का आभार व्यक्त किया। संचालन शिवम पाठक ने किया।

हिन्दुओं के आयोजन के लिए जगह उपयुक्त
महामंडलेश्वर ने कहा कि शहर में 90 से 95 प्रतिशत हिन्दू हैं और किसी आयोजन के लिए बड़े मैदान की जरूरत होती है। आगासौद रोड की जिस जगह पर रावण दहन हो रहा है, वह ऐसे आयोजन के लिए पर्याप्त है। गौरतलब है कि यह जमीन अस्पताल के लिए चिंहित हुई थी, लेकिन इस जमीन को वक्फ बोर्ड का बताते हुए मुस्लिम समुदाय ने न्यायालय स्टे लिया है।