
नए नियम की अढ़चने दूर लेकिन अभी भी अटके आयुष्मान का भुगतान
सागर. बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के 150 से अधिक डॉक्टर्स व 250 अन्य कर्मचारियों के पिछले डेढ़ साल से अटके आयुष्मान के पैसे नए नियमों के मिलना शुरू हो गए हैं। लेकिन अभी मात्र 15 दिन के ही पैसे आए हैं। जबकि 2 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का इंतजार कर्मचारी कर रहे हैं। आयुष्मान की यह राशि स्टाफ को प्रोत्साहित करने के लिए दी जाती है, ताकि सरकारी अस्पताल में मरीजों का अच्छा से अच्छा इलाज हो सके और डॉक्टर्स आयुष्मान कार्ड के जरिए सरकार से इसकी राशि भी वसूल कर सकें। लंबे समय से राशि न मिलने से डॉक्टर्स के अलावा यहां कार्यरत वार्ड बॉय व कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है।
जानकारी के अनुसार बीएमसी में प्रत्येक 3-4 माह में आयुष्मान का करीब 60-70 लाख रुपए आता था, यह राशि बीएमसी प्रबंधन विभिन्न रेशियो के हिसाब से डॉक्टर्स, कर्मचारी व संसाधन जुटाने में खर्च करता है। देखा तो प्रत्येक प्रोफेसर, डॉक्टर्स को वेतन के अतिरिक्त 25-30 हजार रुपए प्रत्येक माह मिल जाते थे, जबकि वार्ड बॉय व अन्य कर्मचारियों को भी 2-5 हजार रुपए मिल जाते थे। लेकिन फरवरी 2024 से आयुष्मान की राशि कर्मचारियों को वितरित नहीं हुई।
बीएमसी में ऑर्थो, सर्जरी विभाग में विभिन्न ऑपरेशन में लगने वाले उपकरण मरीजों को आयुष्मान कार्ड के जरिए नि:शुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं, आयुष्मान के पैसों से यह उपकरण तो खरीदकर दिए जा रहे हैं, सीटी स्कैन जैसी जांचें भी हो रहीं हैं, लेकिन जिन डॉक्टर्स व स्टाफ की ऑपरेशन व इलाज में भूमिका होती है, उन्हें आयुष्मान का पैसा नहीं दिया जा रहा है।
-नए नियम की जो अढ़चने थीं उसे दूर कर लिया गया है। कुछ पैसे डॉक्टर्स व स्टाफ का आए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही डेढ़ साल से रूके पैसे भी आ जाएंगे। आयुष्मान की राशि डॉक्टर्स व स्टाफ को प्रोत्साहन के लिए दी जाती है। राशि न मिलने से निश्चित ही इससे स्टाफ का मनोबल गिरता है।
डॉ. सर्वेश जैन, अध्यक्ष एमटीए।
Updated on:
16 Sept 2025 09:56 pm
Published on:
16 Sept 2025 09:55 pm
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