
सहारनपुर। दाे जून की राेटी कमाना भी आसान नहीं रहा। घर में अकेला पुरुष कमाए ताे घर का खर्च भी निकालना मुश्किल हाे जाता है। सुबह घर का काम करती हूं आैर दिनभर यहां पति के साथ इस अस्थाई दुकान पर हाथ बटाती हूं। दाेनाें मिलकर कमाते हैं ताे दाे जून की राेटी मयस्सर हाेती है वर्ना इस महंगाई में अब घर चलाना इतना आसान कहां रह गया है। यह कहना है सहारनपुर की रहने वाली मिथलेश का। मिथलेश एक गरीब परिवार से हैं आैर मिथलेश के पति सड़क किनारे गन्ने के रस की दुकान लगाते हैं। मिखलेश का कहना है कि महंगाई बहुत है ऐसे में सभी काे मेहनत करनी पड़ती है। दिनभर काम करते हैं तब जाकर दाे जून की राेटी के बाद बच्चाें की पढ़ाई के बारे में साेच पाते हैं। यह कहानी केवल मिथलेश की नहीं है। आज-आज घर की यही कहनी है।