
सहारनपुर। दिल्ली (Delhi) के शाहीन बाग (Shaheen Bagh) में पहुंचकर CAA का विरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के निर्णय पर सवाल उठाने वाली सहारनपुर (Saharanpur) की दो टीचरों को सस्पेंड कर दिया गया है। एक टीचर पर धार्मिक टिप्पणी करने का भी आरोप है। दोनों शिक्षिकाओं को स्कूल प्रबंधन ने एक सप्ताह के लिए सस्पेंड करते हुए जवाब मांगा गया है। वहीं, एक आरोपी टीचर ने इसको लेकर माफी मांगी है।
वीडियो हुआ वायरल
दरअसल, 19 जनवरी को सहारनपुर के आशा मॉडर्न स्कूल और रेनबो स्कूल की शिक्षिकाएं शाहीनबाग पहुंची थीं। शाहीन बाग में एक टीचर ने मीडियाकर्मियों को आपत्तिजनक बयान दिया था। उस पर धार्मिक टिप्पणी और धार्मिक भावनाओं को भड़काने का भी आरोप है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के राम मंदिर को लेकर आए फैसले पर भी सवाल उठाए थे। यह वीडियो वायरल होने के बाद सहारनपुर में इन शिक्षिकाओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया गया। हिंदू संगठनों के लोग सोमवार को स्कूल में पहुंच गए और प्रदर्शन करते हुए स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगा। मामला बढ़ता हुआ देख आनन-फानन में स्कूल प्रबंधन ने दोनों शिक्षिकाओं को नोटिस देते हुए एक सप्ताह के लिए सस्पेंड कर दिया है। एक सप्ताह के भीतर उनसे अपना जवाब दाखिल करने को कहा है।
यह कहा था टीचर ने
शाहीन बाग में मीडियाकर्मियों को बयान देते हुए सहारनपुर के आशा मॉडर्न की शिक्षिका नाहिदा जैदी ने कहा था, अयोध्या का कब्जा नाजायज है। हम सहारनपुर से पहुंचे हैं और यह दिखा रहे हैं कि मुस्लिम इकट्ठा है। हमने बहुत जुल्म सह लिया है। कश्मीर को देख लिया है। अयोध्या का नाजायज कब्जा करा दिया है और अब यह CAA आ रहा है तो ऐसे में हम सभी एकजुट हैं। शिक्षिका ने कहा कि मोदी और अमित शाह हमें डरा नहीं सकते और मुस्लिम कमजोर नहीं हैं। शिक्षिका ने यह भी कहा था, जहां मैं पढ़ाती हूं, वहां मैं अकेली मुसलमान हूं लेकिन वहां के टीचर मुसलमानों के बारे में गलत बात बोलते हैं और कहते हैं कि सारे मुसलमान आतंकवादी हैं। मैं पूछना चाहती हूं कि वह कैसे कह सकते हैं। वहीं दूसरी शिक्षिका ने कहा था, हम लोग भिखारी नहीं हैं जो पैसे लेकर यहां आएंगे।
अब यहा कहा टीचर ने
मामला गरमाने के बाद आरोपी टीचर नाहिदा ने सोमवार को माफी मांग ली। उन्होंने कहा, गलती से मेरे मुंह से कुछ गलत अल्फाज निकल आए। कुछ लोग यहां से शाहीन बाग जा रहे थे।
मैं भी संडे के दिन छुट्टी पर वहां यह देखने चली गई चली गई कि वहां क्या हो रहा है। वहां कुछ अजीब से सवाल पूछे गए। उसमें अच्छी बातों को डिलीट करके कुछ गलत बातों को फोकस करते हुए वीडियो एडिट करके वायरल कर दिया गया। यह मेरे खिलाफ एक साजिश है। यह वीडियो एक माह पुराना है। वह 19 जनवरी को शाहीन बाग गई थी। मेरा किसी पार्टी से कोई रिश्ता नहीं है। मैं अपनी गलती के लिए माफी मांगती हूं। वहीं आशा मॉडर्न स्कूल के प्रिंसिपल दिव्य जैन का कहना है कि उन्हें वीडियो वायरल होने के बारे में कुछ पता नहीं है। टीचर्स ने कुछ कमेंट किए हैं, जो गलत हैं। वह यहां पर अकेली मुस्लिम टीचर नहीं हैं। उनके अ लाववा और भी मुस्लिम शिक्षक हैं। आज तक उनकी तरफ से कोई शिकायत नहीं आई है। टीचर को सस्पेंड कर दिया गया है।
यह बोले एसपी सिटी
एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि पुलिस वीडियो की जांच कर रही है। कानूनी सलाह लेकर कार्रवाई की जाएगी। अगर कोई व्यक्ति या संगठन के लोग जबरदस्ती किसी स्कूल में जाकर दबाव बनाने का काम करते हैं तो उन पर भी कार्रवाई होगी। अगर उनको कुछ कहना है तो कानून के दायरे में कहें।
Updated on:
10 Feb 2020 04:14 pm
Published on:
10 Feb 2020 03:45 pm
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