
सहारनपुर. दिल्ली एनसीआर के साथ प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भले ही 10 साल पुरानी गाड़ियों पर बैन लगा दिया गया हो। लेकिन, उत्तर प्रदेश का सहारनपुर जिला ऐसा है, जहां आप 10 से 15 साल पुरानी गाड़ियां खूब दौड़ा सकते हैं। सहारनपुर संभागीय परिवहन अधिकारी के मुताबिक अभी सहारनपुर के लिए कोई निर्देश नहीं हैं। ऐसे में सहारनपुर में डीजल की 10 साल और पेट्रोल की 15 साल पुरानी गाड़ियों के रिरजिस्ट्रेशन किए जा रहे हैं। यानी साफ है कि सहारनपुर में प्रदूषण के मानकों को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार और परिवहन अथॉरिटी अभी तक गंभीर नहीं दिख रही।
मुजफ्फरनगर में बंद हो चुकी है 10 साल पुरानी गाड़ियां
सहारनपुर से सटे शहर मुजफ्फरनगर में डीजल के 10 साल से पुराने सभी बहनों को सीज करने के आदेश दिए जा चुके हैं। यहां 10 साल पुराने वाहनों का रीरजिस्ट्रेशन भी बंद कर दिया गया है। मुज़फ्फरनगर से सटे शहर सहारनपुर में अभी तक 10 और 15 साल से पुराने वाहनों का रिरजिस्ट्रेशन होना बड़ा सवाल है।
लखनऊ मैं भी बंद हो चुके हैं पुराने वाहन
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी बुधवार को डीएम ने आदेश कर दिए हैं कि 10 साल से पुराने सभी डीजल और 15 साल से पुराने सभी पेट्रोल के वाहनों को सीज कर दिया जाए। लख़नऊ में इन निर्देशों के पालन में बुधवार को अभियान भी चलाया गया और मुज़फ्फरनगर में पिछले कई दिनों से अभियान चल रहा है।
15 साल की जारी हो रही आरसी
सहारनपुर आरटीओ से डीजल के वाहनों को 15 साल की आरसी यानी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी किया जा रहा है। यानी सहारनपुर से अगर कोई नया वाहन खरीदा जाता है तो उसकी वैलिडिटी 15 साल है और 15 साल के बाद वेलिडिटी खत्म होने पर एक बार फिर से उसके वैलिडिटी पीरियड को बढ़ा दिया जाता है, जिसको रिरजिस्ट्रेशन कहते हैं। यानी साफ है कि सहारनपुर में 15 से अधिक 20 साल पुरानी गाड़ियां भी चल सकती हैं। बशर्ते वह सहारनपुर आरटीओ में रजिस्टर्ड हों।
इन्होंने की पुष्टि
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ऐके श्रीवास्तव ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि अगर गाड़ी सहारनपुर में रजिस्टर्ड है तो उसी की वेलिडिटी को आगे एक्सटेंड किया जा रहा है। किसी बाहर राज्य या जिले की गाड़ी को जो 10 साल या 15 साल की आय सीमा पूरी कर चुकी हो ऐसी गाड़ी को सहारनपुर में रजिस्टर्ड नहीं किया जाएगा।
Published on:
15 Nov 2017 09:04 pm
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