
devbandi ulema
देवबंद। झारखंड में कथित ताैर पर तबरेज अंसारी की पीट-पीटकर की गई हत्या (मॉब लिंचिंग) की घटना के विराेध में शुक्रवार काे देवबंद मुस्लिम समाज सड़क पर उतर आया। जुमे की नमाज के बाद सैकड़ाें की संख्या में मुस्लिम समाज के लाेगाें ने प्रदर्शन किया और मॉब लिंचिंग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए झारखंड की घटना पर अपना विराेध जाहिर किया।
यह भीड़, जमीयत उलमा-ए-हिंद कारवाने इंसाफ संगठन और पूर्व विधायक माविया अली की अपील के बाद इकट्ठा हुए। जुमे की नमाज के बाद बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग जामा मस्जिद पर एकत्र हुए और तख्तियां व बैनर लेकर ईदगाह की ओर चल दिए। इनके हाथाें में तिरंगा और जमियत उलमा-ए-हिंद का ब्लैक एंड व्हाइट ( काला सफेद) झंडा था। इस दाैरान इन्हाेंने माेदी और याेगी विराेधी नारे लगाए और साफ कह दिया इस तरह सरकार नहीं चलेगी।
शनिवार काे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ Yogi Adityanath सहारनपुर पहुंच रहे हैं। इससे पहले शुक्रवार काे देवबंद में ईदगाह पर हुए इस कार्यक्रम में तंजीम उलमा-ए-हिंद के प्रदेशाध्यक्ष मौलाना नदीमुल वाजदी ने कहा कि हिंदुस्तान के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि बेगुनाह मुसलमानों को मोब लिंचिंग कर मारा जा रहा है। अब देश के मुसलमानों का सब्र का बांध टूटने लगा है। देश में अमन शांति के लिए हुकूमत को ऐसी घटनाओं पर रोक लगाकर कारगर कदम उठाने चाहिए।
कांग्रेसी नेता इमरान मसूद ने कहा कि हिंदुस्तान अब लिंचिस्तान बनकर रह गया है। ऐसी घटनाएं सरकार के सबका विश्वास के खोखले नारे की पोल खोल रही है। ऐसी सांप्रदायिक घटनाओं को नहीं रोका गया तो देश के अमन चैन को खतरा पैदा हो जाएगा। इन्हाेंने कहा कि आज देश में बापू की हत्या करने वालाें की जय बाेली जा रही है। यह कहते हुए सवाल उठाया कि आखिर देश कहां जा रहा है।
पूर्व विधायक माविया अली ने मौजूदा हुकूमत को नाकाम बताते हुए ऐसी घटनाओं पर अंकुश के लिए एकजुटता के साथ आवाज उठाने का आह्वान मुस्लिम समाज से किया।
सहारनपुर देहात विधायक मसूद अख्तर ने कहा कि घटना बेहद दु:खद है। इस तरह की घटनाओं के विराेध में जाेरदार आवाज नहीं उठाई गई ताे इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं रुकेगी।
ये रहे माैजूद
इस माैके पर मुख्य रूप से जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि माजिद अली, इंडियन अगेंस्ट हेट के संस्थापक नदीम खान, कारवाने अमन इंसाफ के अध्यक्ष कारी डा. तारिक अय्यूबी ने भी विचार रखें। अध्यक्षता कारी अफ्फान और संचालन मौलवी महमूद ने किया। मौलाना इब्राहीम कासमी, हैदर अली, सैयद हारिस, इस्माईल कुरैशी, इमरान मलिक, डा. अनवर सईद, राहत खलील, मजाहिर हसन, परवेज गौड़, मुफ्ती अहमद गौड़ के अलावा बड़ी तादाद में लोग मौजूद रहे।
Published on:
28 Jun 2019 06:59 pm

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